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सोने चांदी के भावों ने शादियों का बिगाड़ा बजट, मंहगाई के चलते सीमित मात्रा में बनवा रहे आभूषण

सोने चांदी के भावों ने शादियों का बिगाड़ा बजट, मंहगाई के चलते सीमित मात्रा में बनवा रहे आभूषण

गरीबों से दूर हुआ सोना, पिछले पांच सालों में सोने के दामों में 120 प्रतिशत की हुई बढ़ोतरी

 दिनेश लेखी

कठूमर । स्मार्ट हलचल/ जुलाई माह में एक बार फिर शादियों का सीजन शुरू होने वाला है। और भडल्या नवमी के अवूझ सावे के साथ आधा दर्जन सावो में नये जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे। और सावो को देखते हुए सुनारों की दुकानों पर भीड़ है। लेकिन सोने चांदी के भावों में तेजी ने लोगों का शादी का बजट बिगाड़ कर रख दिया है।  

हमारे देश में शादी विवाहो  में  सोने चांदी के गहनों का अपना अलग महत्व है। और छोटे बजट शादी हो या बड़े बजट की सभी शादियों में सोने चांदी  जेवरों के लिए अलग से बजट रखा जाता है। लेकिन पिछले कुछ सालों में सोने चांदी के भावों में लगातार वृद्धि होने से शादियों का बजट बिगड़ने लगा है। जहां ंअब लोग आभूषणों को वजन में हल्का रख तथा आभूषणों की संख्या भी कम कर रहे हैं। वहीं निर्धन परिवारों की लड़कियों के लिए सोने‌ के आभूषण पहनना अब सपना बन गया है। हर परिवार में शादियों में किये जाने वाले खर्चों का मद अलग अलग फिक्स कर दिया जाता है। और लड़की को दिये जाने वाले विभिन्न आभूषणों के लिए राशि प्रारंभ से ही इकठ्ठी की जाती थी। लेकिन अब पिछले कई सालों से सोने चांदी में अप्रत्याशित तेजी से न केवल शादी वाले परिवारों का बजट बिगड गया है, बल्कि मां बाप अपनी लाडली को दिये जाने वाले आभूषणों में कटौती करने व बजन‌ भी कम करने को मजबूर हो गए हैं।

पिछले दस सालों में जेवराती सोने का भाव देखा जाये तो 2014 में छब्बीस हजार रुपए प्रति दस ग्राम का भाव था जो 2019 तक यानि पांच सालों में केवल सात हजार प्रति दस ग्राम बढ़ा था। लेकिन लेकिन अगले पांच सालों अर्थात 2024 तक के सोने के भावों को देखा जाये तो 120 प्रतिशत की तेजी आई है।और सोना बहत्तर हजार रुपए प्रति दस ग्राम हो गया। ऐसे में गरीब परिवारो की पहुंच से सोना बाहर होता चला गया।और इन परिवारों की बच्चियों ने सोने पहने का सपना भी छोड़ दिया। मध्यम वर्ग के परिवार भी अपना बजट नाक कान गला व अंगुठी तक सीमित करने लगे हैं। सोना में सबसे ज्यादा अप्रत्याशित मंहगाई 2019 से 2020 के बीच में आई और सोना 2019 में तैंतीस हजार रुपए प्रति दस ग्राम था जो जबरदस्त उछलकर 2020 में अड़तालीस हजार तक पहुंच गया। चांदी का भाव 2017 में उनतालीस हजार रुपए प्रति किलो था और 2024 मे जेवराती चांदी का भाव 95 हजार रुपए प्रति पहुंच गया। चांदी के जेवर भी अब गरीब परिवारों को भारी पड़ रहा है।

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इनका क्या कहना

सोने चांदी के भाव लगातार आसमान छूने से मध्यम वर्गीय परिवार ज्यादा गहने बनाने से परहेज रख रहे हैं। और शादियों में जरूरी जेवर जो भी वजन में कम रख कर बनवा रहे हैं। पिछले साल की तुलना में सोना 2024 में दस बारह हजार प्रति दस ग्राम तथा चांदी अठारह बीस हजार प्रति किलोग्राम बढ़ गई।
सिप्पी सोनी ज्वैलर्स निवासी कठूमर

सोने चांदी के दामों में भारी वृद्धि होने के चलते अब शादी के परिवार अब सोना बनबाने में सोचने लगे हैं। भावों में भारी बढ़ोतरी के चलते शादियों का बजट काफी बिगड़ गया है। जिसके चलते उन्हें सोने चांदी के आभूषणों में कटौती करनी पड़ रही है और लोग शादी के अन्य खर्च में भी भारी कटौती करने को मजबूर है।
हरिया राम सोनी स्वर्ण व्यवसायी निवासी कठूमर

 

सोने चांदी के दामों में भारी वृद्धि होने के चलते शादियों का बजट बिगड़ गया है। जिसके चलते उन्हें सोने चांदी के आभूषणों में कटौती करनी पड़ रही है। अब भी शादी के बजट का काफी भाग जेवरों पर खर्च करना पड़ता है।  जो हर किसी के बस में नहीं रहा है। गरीब परिवार अब सोने के आभूषणों की सोच नहीं सकते।
मोतीलाल बजाज निवासी कठूमर

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