बूंदी ।स्मार्ट हलचल| सतगुरु आश्रम के संस्थापक गुरुदेव पंडित राजकुमार शर्मा जी एक दिवसीय प्रवास पर आज बूंदी में नरसिंह दास जी महाराज के आश्रम में एवं लाल लंगोट वाले बाबा के आश्रम में आशीर्वाद देने के लिए पधारे। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। श्री बजरंग जन कल्याण एवं आध्यात्मिक समिति के अध्यक्ष राजेश शर्मा, समाजसेवी भरत शर्मा, चेतन शर्मा , जितेंद्र शर्मा, बृजेश गौतम, मनीष गौतम हरिओम गौतम, बंटी गौतम , लोकेश शर्मा, दीपक शर्मा, भोला दुबे, यशवंत शर्मा, आशीष प्रजापत, चेतन पंचोली, राहुल, मनीष गौतम, बंटी सहित सदस्यों ने गुरुदेव का स्वागत किया आज गुरुदेव ने उपदेश दिया कि भारत इसलिए विश्व गुरु हे क्योंकि यहां पर वसुदेव कुटुंबकम एवं सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामया का सिद्धांत हमारी सांस्कृतिक धरोहर हे । नागरिक जीवन में प्रवेश करने की प्रथम पाठशाला हमारा परिवार है परिवार में आपस में प्रेम रखना चाहिए हमें कोई सर्वाधिक प्रेम करता है तो वह हमारे माता-पिता है आज की युवा पीढ़ी प्रेम विवाह कर रही है हम प्रेम विवाह के खिलाफ नहीं है लेकिन प्रेम विवाह करने के उपरांत उसको निभाना भी आवश्यक है प्रेम विवाह करके एक आदर्श प्रस्तुत कीजिए अपने माता-पिता के सामने।एक ग्रस्त का प्रथम कर्तव्य अपने माता-पिता अपने बच्चों का लालन-पालन शिक्षा दीक्षा और उनको संस्कार भगवान बनाना है परमात्मा ने सभी जन्मजात को कुछ ना कुछ यूनिक देकर भेजा है कोई अच्छा गा सकता है कोई अच्छा खेल सकता है कोई अच्छा नाच सकता है धर्म एवं अध्यात्म के माध्यम से हम उनको जान सकते हैं और उसे दिशा में आगे बढ़ सकते हैं भाग्य के द्वारा दिया जाता है ऐसा कायर लोग कहते हैं जो पुरुषार्थ करता है उसको सब कुछ मिलता है हमारा धर्म पूर्णतः वैज्ञानिक है जो आडंबर से पाखंडों से अंधविश्वासों से हमें दूर करें। जो डराऐ है वह धर्म नहीं हो सकता जो भयभीत करें वह धर्म नहीं हो सकता। जो भय मुक्त करें वह धर्म है। पाश्चात्य संस्कृति में लोग ऐश्वर्या और भौतिक संसाधनों की चरम सीमा पर पहुंच गए लेकिन वहां पिता को पुत्र से मतलब नहीं पुत्र को पिता से मतलब नहीं एक दूसरे के प्रति संवेदना बिल्कुल सुनने हैं। लेकिन हमारे देश में संवेदना जीवित है इसलिए हम भारत विश्व गुरु है। इसलिए पूरा विश्व हमारी सनातन संस्कृति के लिए दंडवत है।













