भीलवाड़ा में राजस्व महकमे का बिगुल: कलेक्टर के खिलाफ पटवारी-कानूनगो आंदोलन पर, 30 जुलाई से पूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी

(किशन वैष्णव)

आज से बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध, रोजाना एक घंटे का सांकेतिक कार्य बहिष्कार; मांगें नहीं मानी गईं तो जिलेभर में राजस्व कार्य होंगे प्रभावित

शाहपुरा@स्मार्ट हलचल|जिला कलेक्टर की कार्यशैली और राजस्व कार्मिकों के खिलाफ की जा रही विभागीय कार्रवाई के विरोध में राजस्थान पटवार-कानूनगो संघ ने सोमवार से जिलेभर में चरणबद्ध आंदोलन का आगाज कर दिया। संघ के आह्वान पर जिले के पटवारी एवं कानूनगो (गिरदावर) 27 जुलाई से बांह पर काली पट्टी बांधकर कार्य कर रहे हैं तथा प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक एक घंटे का सांकेतिक कार्य बहिष्कार करेंगे। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 29 जुलाई तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो 30 जुलाई से जिलेभर में पूर्ण कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया जाएगा, जिससे राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो सकते हैं।शाहपुरा उपखंड अधिकारी सुनील कुमार के माध्यम से जिला कलेक्टर भीलवाड़ा को सौंपे गए ज्ञापन में संघ ने आरोप लगाया कि जिले में राजस्व कार्मिकों के बीच भय और दबाव का वातावरण बनाया जा रहा है। छोटी-छोटी प्रकृति की विभागीय जांचों में भी अत्यधिक कठोर दंड दिए जा रहे हैं तथा कार्मिकों द्वारा प्रस्तुत जवाब, दस्तावेज और साक्ष्यों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा। संघ का कहना है कि कई मामलों में जांच अधिकारी की रिपोर्ट से अलग जाकर निर्णय लिए जा रहे हैं, जो प्राकृतिक न्याय की भावना के विपरीत हैं।संघ ने अपनी तीन प्रमुख मांगों में हाल ही में संस्थित विभागीय जांचों को वापस लेने, पटवारी हरदेव लाल बैरवा के विरुद्ध की गई सेवा से पदच्युति की कार्रवाई निरस्त कर पुनर्बहाली करने तथा स्थानांतरित पटवारी एवं कानूनगो कार्मिकों को बिना किसी भेदभाव के तत्काल कार्यमुक्त करने की मांग की है।ज्ञापन में हरदेव लाल बैरवा के प्रकरण का विशेष उल्लेख करते हुए कहा गया कि उन्हें धारा 91 की रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत नहीं करने के आरोप में सेवा से बर्खास्त किया गया, जबकि संघ का दावा है कि नियमानुसार खरीफ सीजन की धारा 91 की रिपोर्ट 15 अगस्त तक प्रस्तुत की जानी होती है और बैरवा को उससे पहले ही निलंबित कर दिया गया था। संघ ने इस कार्रवाई को नियमों के विपरीत बताते हुए संबंधित प्रकरण की समीक्षा कर संभागीय आयुक्त,अजमेर को भेजने की मांग की है।संघ ने यह भी आरोप लगाया कि राजस्व मंडल एवं संभागीय आयुक्त स्तर से स्थानांतरित कई पटवारी एवं कानूनगो को अब तक कार्यमुक्त नहीं किया गया है, जबकि कुछ प्रभावशाली कार्मिकों को प्राथमिकता के आधार पर कार्यमुक्त कर दिया गया। इससे कर्मचारियों में भेदभाव की भावना उत्पन्न हुई है। संघ ने सभी स्थानांतरित कार्मिकों को समान रूप से तत्काल कार्यमुक्त करने की मांग उठाई है।राजस्थान पटवार-कानूनगो संघ ने जिला कलेक्टर पर दमनात्मक,कठोर एवं तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे माहौल में राजस्व कार्मिक मानसिक दबाव में कार्य करने को विवश हैं, जिससे उनकी कार्यक्षमता और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों प्रभावित हो रही हैं। संघ ने स्पष्ट किया कि यदि 29 जुलाई तक मांगों पर सहमति नहीं बनी तो 30 जुलाई से जिलेभर में पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।ज्ञापन सौंपने के दौरान पटवार संघ अध्यक्ष बजरंग लाल सैनी, उपाध्यक्ष डूंगरराम चौहान, कानूनगो संघ अध्यक्ष बालकृष्ण शर्मा, बृजराज सोलंकी, राकेश कुमार जैन, जिला महामंत्री दशरथ चौधरी सहित बड़ी संख्या में पटवारी एवं कानूनगो उपस्थित रहे।