*ऑपरेशन मदाश्विन: इंसानियत को जहर बांटने वाला गौशाला में धो रहा था पाप, ₹25,000 का इनामी तस्कर पंजाब से गिरफ्तार*

• ​घर में मिले ट्रेन टिकट के सुराग से पंजाब के फिरोजपुर में दबोचा गया तस्कर सुनील

जयपुर 5 जून। स्मार्ट हलचल।महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन मदाश्विन” के तहत एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए पंजाब के फिरोजपुर जिले से एक वर्ष से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी तस्कर को गिरफ्तार कर लिया है। लगातार पांचवें दिन की इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि राजस्थान पुलिस की पहुंच अब राज्य की सीमाओं से बाहर तक अपराधियों का पीछा कर रही है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्री दिनेश एम.एन. के निर्देशन एवं महानिरीक्षक पुलिस एएनटीएफ श्री विकास कुमार के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान के तहत एएनटीएफ की टीमें झारखंड, मध्यप्रदेश और पंजाब तक सक्रिय होकर नशे के नेटवर्क पर लगातार प्रहार कर रही हैं।स्मार्ट हलचल।*गौशाला में छिपा बैठा था इनामी तस्कर*
गिरफ्तार आरोपी सुनील कुमार पुत्र नक्षत्र सिंह निवासी 10 सरकारी, तहसील विजयनगर थाना जैतसर जिला श्रीगंगानगर पिछले एक वर्ष से फरार चल रहा था। उसके विरुद्ध मादक पदार्थ तस्करी सहित कई मामलों में कार्रवाई लंबित थी तथा उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
गिरफ्तारी से बचने के लिए सुनील ने पंजाब के फिरोजपुर में एक गौशाला में शरण ले रखी थी, जहां वह गायों की सेवा करने के साथ अपना छिपाव बनाए हुए था। आरोपी मोबाइल फोन का उपयोग भी नहीं करता था और अपनी कमाई ई-मित्र के माध्यम से घर भेजता था ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके।
*एक पुराने ट्रेन टिकट ने खोल दिया राज*
तस्कर सुनील तक पहुंचना एएनटीएफ के लिए आसान नहीं था। टीम जब उसके श्रीगंगानगर स्थित घर पर दबिश देने गई तो वह वहां नहीं मिला। लेकिन घर की गहन तलाशी के दौरान पुलिस के हाथ फिरोजपुर की एक पुरानी ट्रेन टिकट लग गई। चूंकि फिरोजपुर में सुनील का कोई रिश्तेदार नहीं था, इसलिए टीम का शक गहरा गया। एएनटीएफ की टीम तुरंत ट्रेन टिकट के सुराग पर फिरोजपुर पहुंची और स्थानीय लोगों को फोटो दिखाकर हुलिए के आधार पर तस्कर को एक स्कूल के पास बनी गौशाला में ट्रैक कर लिया।
लगातार पूछताछ और फोटो पहचान के बाद पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी एक गौशाला में रह रहा है। सूचना की पुष्टि होते ही टीम ने वहां घेराबंदी कर दबिश दी।
पुलिस टीम को देखते ही सुनील गौशाला से भाग निकला और पास स्थित स्कूल की दीवार फांदकर छिपने का प्रयास करने लगा। एएनटीएफ टीम ने उसका लगातार पीछा किया और करीब आधे घंटे तक चले चूहे-बिल्ली के खेल के बाद उसे दबोच लिया।
*चोरी और जमीनों की ठगी से शुरू हुआ अपराध का सफर*
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। नशे की लत के कारण उसने पहले चोरी और जमीनों की फर्जी खरीद-फरोख्त का धंधा शुरू किया। वर्ष 2021 से 2025 के बीच उसके खिलाफ घड़साना, विजयनगर, छत्तरगढ़ और जैतसर (श्रीगंगानगर) में चोरी, धोखाधड़ी और एनडीपीएस एक्ट सहित कई मामले दर्ज हुए।
*”प्रथम ग्रासे मक्षिका पातः” (शुरुआत में ही मक्की गिरना):*
सुनील ने जैसे ही नशे के धंधे में पैर पसारे, उसकी पहली चाल ही उल्टी पड़ गई। उसने अपने एक पैडलर को 280 ग्राम हेरोइन देकर सूरतगढ़ सप्लाई के लिए भेजा था, लेकिन सूरतगढ़ पुलिस ने सप्लायर को खेप सहित पहले ही दबोच लिया, जिससे सुनील का नाम एनडीपीएस मामले में सामने आ गया और वह फरार हो गया।
*नशा तस्करों के खिलाफ जारी रहेगा अभियान*
महानिरीक्षक पुलिस श्री विकास कुमार ने बताया कि एएनटीएफ राज्य और राज्य के बाहर छिपे अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है तथा भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने आमजन से अपील की कि अपराधियों या नशा तस्करों से संबंधित कोई भी सूचना एएनटीएफ कंट्रोल रूम नंबर 0141-2502877 अथवा व्हाट्सएप नंबर 9261225056 पर साझा करें। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।
इस सफल कार्रवाई में एएनटीएफ टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। महानिरीक्षक पुलिस ने घोषणा की है कि अभियान में शामिल टीमों को विशेष कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।
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