प्रशासन मौन-अधिकारी बेखबर-गर्मी से पहले ही पेयजल संकट गहराया-ग्रामीणों में भारी आक्रोश
शिवराज बारवाल मीना
टोंक/उनियारा।स्मार्ट हलचल|उनियारा उपखण्ड क्षेत्र के पलाई कस्बे में बीसलपुर पेयजल परियोजना अब आमजन के लिए राहत नहीं, बल्कि परेशानी का कारण बनती जा रही है। पाइपलाइन में जगह-जगह अवैध नल कनेक्शनों की बाढ़ ने हालात ऐसे कर दिए हैं कि भीषण गर्मी आने से पहले ही पानी के लिए हाहाकार मच गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत प्रशासन से लेकर जलदाय विभाग, जनप्रतिनिधि और उच्च अधिकारी तक इस गंभीर समस्या पर आंखें मूंदे बैठे हैं। बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में भारी रोष व्याप्त है।
*गर्मी से पहले ही संकट गहराया*
लगातार बढ़ती गर्मी के बीच पर्याप्त पेयजल नहीं मिलने से हालात बदतर होते जा रहे हैं। मजबूरी में ग्रामीण फ्लोराइड युक्त हैंडपंप का पानी पीने को मजबूर हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो रहा है।
वहीं जिन परिवारों को ज्यादा पानी की जरूरत है, उन्हें महंगे दामों पर टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं, यानी आम आदमी दोहरी मार झेल रहा है।
*बूस्टर-पंप से ‘पानी की चोरी’*
ग्रामीणों ने खुलासा किया है कि कुछ प्रभावशाली लोग बूस्टर और पम्पसेट लगाकर पाइपलाइन से पानी खींच रहे हैं। इतना ही नहीं, बिसलपुर का पानी सब्जियों की बाड़ियों और निजी उपयोग में धड़ल्ले से लिया जा रहा है। यह सीधा-सीधा आम जनता के हक पर डाका है, लेकिन जिम्मेदार विभाग चुप्पी साधे बैठा है।
*प्रशासन पर उठे सवाल*
हालांकि जिला कलेक्टर और उपखंड अधिकारी द्वारा जलापूर्ति के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।ग्रामीणों की मांग है कि अवैध कनेक्शनों को हटाने के लिए संयुक्त अभियान चलाया जाए। प्रशासन, जलदाय विभाग और पुलिस मिलकर सख्त कार्रवाई करे।
*दोषियों पर जुर्माना व कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो।
*छोटी टंकी-बड़ा संकट*
ग्राम पंचायत पलाई में बनी पानी की टंकी मात्र 1–1.5 लाख लीटर क्षमता की है, जो बढ़ती आबादी के हिसाब से बेहद कम है। ग्रामीणों ने मांग रखी है कि एक और बड़ा उच्च जलाशय बनाया जाए। जिससे नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित हो सके।
*इन गांवों में भी हालात गंभीर*
पलाई के साथ-साथ झुंडवा, सोप, गणित्या ढाणी, सहादत नगर, अलीगढ़, खेलनिया, चौरू, रतनपुरा, बोसरिया, ककोड़, कचरावता सहित एक दर्जन से अधिक गांवों में अवैध कनेक्शनों के चलते पेयजल संकट गहराता जा रहा है।
*ग्रामीणों का फूटा गुस्सा*
किसान नेता रामकिशन धाकड़, पूर्व सरपंच सोहनलाल धाकड़, समाजसेवी शेरसिंह बन्ना सहित कई ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
*जनता का सवाल*
क्या प्रशासन अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई करेगा या ‘पानी माफिया’ यूं ही जनता का हक मारता रहेगा?
