कठरिया में मकान गिरने से दो बोरी अनाज मलबे में दबा, तक्कीपुर में गलियों तक भरा पानी; स्कूली बच्चों समेत महिलाओं और बुजुर्गों की बढ़ी मुश्किलें
खखरेरू/स्मार्ट हलचल|फतेहपुर विजयीपुर विकासखंड क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गई है। कठरिया गांव में बारिश के चलते तीन जर्जर मकान भरभराकर गिर गए। गनीमत रही कि हादसे के समय मकानों के अंदर कोई मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि टल गई। वहीं तक्कीपुर गांव में जलनिकासी की व्यवस्था ध्वस्त होने से मुख्य मार्ग और गलियां पानी में डूब गई हैं। जलभराव के कारण स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।
रविवार रात से हो रही लगातार बारिश के चलते कठरिया गांव निवासी प्रमोद कुमार पुत्र राजेंद्र प्रसाद, बुद्धिमान पाल और शीतल रैदास के मकान गिर गए। शीतल रैदास के घर में रखा करीब दो बोरी अनाज मलबे में दबकर नष्ट हो गया। वहीं मकान जर्जर होने के कारण प्रमोद कुमार और बुद्धिमान पाल ने पहले ही गृहस्थी का सामान बाहर निकाल लिया था। इससे उनका घरेलू सामान सुरक्षित बच गया।
उधर, तक्कीपुर गांव में जलनिकासी की समस्या गंभीर बनी हुई है। बारिश का पानी त्रिभुवन सिंह, चंद्रभान, देवदत्त और ओम सिंह के घरों के आसपास मुख्य मार्ग और गलियों में भर गया है। जलभराव के कारण ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि जलनिकासी की समस्या को लेकर जून माह में किसान यूनियन ने धरना-प्रदर्शन किया था। इसके बाद नहर विभाग के अधिशासी अभियंता की ओर से नाले का निर्माण कराया गया, लेकिन नाले को आगे झाल तक नहीं जोड़ा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि नाला अधूरा छोड़े जाने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। बारिश होते ही गांव में जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है।
ग्रामीणों ने जिम्मेदार विभाग से नाले को झाल तक जोड़कर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने और तत्काल जलभराव से राहत दिलाने की मांग की है।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी जयप्रकाशने बताया कि मौके पर जांच करके अग्रिम कार्रवाई किया जाएगा
