मनरेगा के सहारे बदल दी मोक्ष धाम की तस्वीर

मनरेगा के सहारे बदल दी मोक्ष धाम की तस्वीर

झुंझुनूं ( रमेश रामावत ) अक्सर यह कहते सुना होगा कि महात्मा गांधी नरेगा योजना बहुत अच्छी स्कीम है लेकिन धरातल पर सही क्रियान्वयन नहीं हो पाने के कारण मनरेगा श्रमिकों द्वारा मिट्टी को इधर-उधर करके अपनी हाजिरी लगवा ली जाती है जिससे सरकारी राशि का सदुपयोग नहीं हो पाता है और न ही कोई स्थाई परिसंपत्ति निर्मित होती है,
लेकिन हकीकत यह है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी व कर्मचारी अगर रुचि लेकर काम करें तो परिणाम बहुत बेहतर मिल सकते हैं। जिला परिषद् के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री जयप्रकाश नारायण द्वारा चलाए गए हरियाला झुंझुनू नाम की मुहिम के तहत जिले मे अनेक श्मशान घाटों के कार्यकलप का कार्य चल रहा है ऐसा ही एक कार्य नवलगढ़ पंचायत समिति की पबाना ग्राम पंचायत में हुआ है। जहा पहले अतिक्रमण किया हुआ था ।मोक्ष धाम में उबड़ खाबड़ गड्ढे एवं टीला व जगह जगह कचरा भरा पड़ा था। श्मशान भूमि के बीचों-बीच अव्यवस्थित तरीके से कच्चा रास्ता था। यहां के शमशान घाट पर पिछले 3 माह से चल रहे कार्य से हुआ कायापलट यह बयां करता है कि पंचायत स्तरीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों/कर्मचारियों की मजबूत इच्छाशक्ति, कुशल प्रबंधन हो तो मनरेगा योजना से आने वाले बजट का सदुपयोग कर स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार के साथ-साथ स्थाई परिसंपत्तियों का निर्माण हो सकता है। चूंकि मृत्यु जीवन का अंतिम सच और अपनों को बहुत दुःख देने वाली होती है। इस सत्य के साथ ही जीवन के अंतिम सत्य को भी उसी शिद्दत के साथ स्वीकार्य कर मोक्ष धाम तक हर किसी को जाना होता है। वैसे तो मोक्ष धाम के नाम से हर किसी के जेहन में भयावह की तस्वीर उभरती है लेकिन मोक्ष धाम का नजारा कुछ ऐसा हो जिसमें चारों और हरे-भरे वृक्ष, फूलदार पौधे छाया,पानी, बैठने की समुचित व्यवस्था हो तो आंखें एकबारगी विश्वास नहीं करती की जीवन का अंतिम पड़ाव यह मोक्षधाम ही है। ऐसा ही नजारा जिले की नवलगढ़ पंचायत समिति की ग्राम पंचायत पबाना के मोक्ष धाम का है। मनरेगा योजना से स्थानीय श्रमिकों को रोजगार प्रदान कर बदलती मोक्ष धाम की तस्वीर को देखकर यदि यह कहां जाए कि ‘मनरेगा योजना – जीवन के साथ भी और जीवन के बाद भी ‘ तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। ग्राम पंचायत पबाना ने आदर्श शमशान निर्माण हेतु महात्मा गांधी नरेगा योजना अंतर्गत जिला कलेक्टर उमरुद्दीन खान द्वारा कार्य स्वीकृत किया गया। इस कार्य हेतु 968690 रुपए की स्वीकृति जारी की गई । जिससे मोक्ष धाम का समतलीकरण, वृक्षारोपण ,खाई फेंसिंग व अन्य सुविधाओं का निर्माण करवाया जाना था।
पबाना के सरपंच विजेंद्र सिंह डोटासरा ने बताया सीईओ की प्रेरणा से प्रेरित होकर कार्य का प्रस्ताव जिला परिषद् भिजवाया गया जिसकी तुरंत स्वीकृति मिलने पर शमशान भूमि की तकरीबन 5 बीघा जमीन पर किया हुआ अतिक्रमण हल्का पटवारी और गिरदावर के साथ मिलकर हटाया गया। उसके बाद लगातार नरेगा श्रमिकों को गाइड कर वृक्षारोपण, प्रवेश द्वार पर दोनों और गुलदार और मेहंदी के पौधे लगवाए गए। मोक्ष धाम की बदलती तस्वीर देखकर पौधों की सुरक्षा हेतु सरपंच द्वारा ग्रामीण भामाशाह के सहयोग से चारों ओर वायर फेंसिंग का कार्य करवाया गया। इस कार्य पर अब तक लगभग 3000 मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं कार्य वर्तमान में चालू है। ग्राम पंचायत के सरपंच का कहना है कि मोक्ष धाम में अभी और भी विविध प्रकार की व्यवस्थाओं का निर्माण कर जिले की ही नहीं अपितु हम स्मार्ट नाम को राज्य लेवल के आदर्श मोक्ष धाम के रूप में विकसित करेंगे।

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