छोटी काशी में सुरक्षा चाक-चौबंद, लेकिन नंदी द्वार पर पसरा अंधेरा बना चिंता का कारण

श्रावण के पहले सोमवार को उमड़ा आस्था का सैलाब, मील गेट स्थित नंदी द्वार पर अंधेरे में ड्यूटी करते दिखे सुरक्षाकर्मी; श्रद्धालुओं ने मांगी बेहतर प्रकाश व्यवस्था

 

गोला गोकर्णनाथ खीरी।स्मार्ट हलचल|पवित्र श्रावण माह के पहले सोमवार को छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ में शिवभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। दूर-दराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने इस बार सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रमुख मार्गों, चौराहों, मंदिर परिसर और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस एवं सुरक्षा बल मुस्तैदी के साथ तैनात रहे, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन की सुविधा मिल सकी।
हालांकि, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के बीच नगर की प्रकाश व्यवस्था एक अहम चुनौती के रूप में सामने आई। नगर के कई ऐसे मार्ग, जिनसे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आवागमन होता है, वहां पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को रात के समय असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे अधिक चिंता का विषय मील गेट स्थित नंदी द्वार बना हुआ है। रेलवे स्टेशन और मंदिर मार्ग को जोड़ने वाला यह प्रवेश द्वार श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख रास्ता है, लेकिन सोमवार रात यहां पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं थी। हालात ऐसे रहे कि नंदी द्वार पर तैनात पुलिस एवं सुरक्षा कर्मियों को भी अंधेरे में ड्यूटी निभानी पड़ी।
स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं का कहना है कि जब श्रावण मेले में लाखों श्रद्धालुओं का आवागमन हो रहा है, तब ऐसे महत्वपूर्ण मार्गों पर पर्याप्त रोशनी होना बेहद आवश्यक है। उनका मानना है कि बेहतर प्रकाश व्यवस्था न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी बनाएगी।
नगरवासियों ने जिला प्रशासन, नगर पालिका और संबंधित विभागों से मांग की है कि मील गेट स्थित नंदी द्वार सहित सभी प्रमुख श्रद्धालु मार्गों पर तत्काल उच्च क्षमता की प्रकाश व्यवस्था कराई जाए, ताकि रात्रि के समय श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और निर्बाध आवागमन की सुविधा मिल सके तथा छोटी काशी की व्यवस्थाएं हर दृष्टि से आदर्श बन सकें।