रणथंभौर में दुर्लभ दृश्य, बाघिन शक्ति ने मगरमच्छ को बनाया शिकार

सवाई माधोपुर। स्मार्ट हलचल|सवाई माधोपुर के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में रविवार को 7 साल की बाघिन टी-111 ‘शक्ति’ ने पर्यटकों को रोमांचित कर दिया। शिकार की तलाश में बाघिन शक्ति तालाब के किनारे घात लगाकर बैठी हुई थी। जैसे ही मगरमच्छ तालाब के किनारे आया, बाघिन शक्ति उस पर टूट पड़ी और जबड़े में कसकर दबोच लिया। मगरमच्छ जैसे भारी भरकम प्राणी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। करीब 10 मिनट तक बाघिन और मगरमच्छ के बीच संघर्ष चला, जिसमें मगरमच्छ मारा गया। बाघिन उसे खींचकर चट्टानों पर ले गई। वहां मौजूद पर्यटकों ने घटना का एक वीडियो भी बनाया है, जिसमें बाघिन के जबड़े में मगरमच्छ दबा हुआ दिखाई दे रहा है। इससे पहले शक्ति की नानी बाघिन मछली ने अपने शावक बच्चों को बचाने के लिए मगरमच्छ से भिड़ गई थी और मिनटों में मगरमच्छ को मार डाला था। उसे ‘लेडी ऑफ लेक’ क्रोकोडायल किलर भी नाम दिया गया था। यह देश की पहली ऐसी बाघिन थी, जिसके नाम पर भारत सरकार ने डाक टिकट तक जारी किया था। मछली की बेटी कृष्णा है, जिसकी बेटी बाघिन शक्ति है। *जबड़े में दबोचकर जंगल में ले गई*
जानकारी के अनुसार- घटनाक्रम रणथंभौर टाइगर रिजर्व में आज सुबह की सफारी के दौरान जोन नंबर 4 के जामुन देह क्षेत्र में हुआ। पर्यटकों को करीब 9 बजे तालाब के किनारे बाघिन पहले से घात लगाकर बैठी दिखाई दी। इस दौरान जैसे ही एक मगरमच्छ तालाब के किनारे आया तो वह उस पर टूट पड़ी। दोनों में करीब 10 मिनट तक संघर्ष चला। मगरमच्छ को पानी का सबसे खतरनाक शिकारी माना जाता है, लेकिन यहां बाघिन से संघर्ष में वह मारा गया। इसके बाद बाघिन उसके जबड़े में दबोचकर चट्टानों से जंगल की ओर ले गई। पूरा घटनाक्रम तेजी से हुआ और पर्यटक भी बाघिन की फुर्ती देखकर हैरान रह गए। पूरे सीन को वहां मौजूद पर्यटकों ने अपने कैमरे में कैद किया। नजारा बेहद रोमांचकारी होने के साथ- साथ दुर्लभ भी था, क्योंकि आमतौर पर बाघ भारी भरकम मगरमच्छ का शिकार कम करते है।