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सुरक्षित माइग्रेशन को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम कर रहे विदेश मंत्रालय और आईओएम

शाश्वत तिवारी

नई दिल्ली। स्मार्ट हलचल|भारत का विदेश मंत्रालय और इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (आईओएम) सुरक्षित एवं व्यवस्थित प्रवासन को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए विदेश मंत्रालय ने अब आईओएम तथा इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स (आईसीडब्ल्यूए) के साथ मिलकर ग्लोबल कॉम्पैक्ट फॉर सेफ,ऑर्डरली एंड रेगुलर माइग्रेशन (जीसीएम)के तहत भारत की पहल पर एक नेशनल कंसल्टेशन आयोजित किया।
इस दौरान विदेश मंत्रालय, यूएन तथा आईओएम के आला अधिकारियों की मौजूदगी में विभिन्न सत्र आयोजित हुए, जिनमें रीजनल और ग्लोबल माइग्रेशन प्रोसेस पर विस्तृत चर्चा हुई। इस मौके पर भारतीय युवाओं, स्किल्ड प्रोफेशनल्स और स्टूडेंट्स के इंटरनेशनल माइग्रेशन तथा मोबिलिटी पर ‘प्रयास’ मैपिंग रिपोर्ट लॉन्च की गई। यह रिपोर्ट आईओएम इंडिया की विदेश मंत्रालय व आईसीडब्ल्यूए के साथ पार्टनरशिप में एक पहल है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 12 फरवरी को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बताया विदेश मंत्रालय ने आईओएम के साथ मिलकर ग्लोबल कॉम्पैक्ट फॉर सेफ, ऑर्डरली एंड रेगुलर माइग्रेशन के तहत भारत की पहल पर एक नेशनल कंसल्टेशन ऑर्गनाइज किया। मंत्रालय में सचिव (सीपीवी एवं ओआईए) श्रीप्रिया रंगनाथन, यूएन रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर स्टीफन प्रीसनर और आईओएम इंडिया हेड ऑफ ऑफिस संजय अवस्थी ने उद्घाटन सेशन में हिस्सा लिया।
मंत्रालय के प्रवक्ता ने आगे बताया चर्चाओं में रीजनल और ग्लोबल माइग्रेशन प्रोसेस में भारत की चल रही भागीदारी और सेफ, ऑर्डरली तथा रेगुलर माइग्रेशन से जुड़ी भारत की पहल, अनुभव एवं नई प्राथमिकताओं को शेयर करने को दिखाया गया।
बता दें कि विदेश मंत्रालय आईओएम के साथ मिलकर कई पहलों के तहत माइग्रेशन को सरल, सहज एवं सुरक्षित बनाने को लेकर काम कर रहा है। उदाहरण के तौर पर दिसंबर 2023 में लॉन्च किया गया ‘प्रोजेक्ट प्रयास’ भारतीय युवाओं और कुशल पेशेवरों के लिए सुरक्षित एवं नियमित प्रवासन की सुविधा प्रदान करता है। इसका उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय को मजबूत करना है।
इसके अलावा विदेश मंत्रालय का इंडिया सेंटर फॉर माइग्रेशन (आईसीएम) तथा आईओएम भारत में डेटा-सूचित और प्रवासी-केंद्रित प्रवासन प्रबंधन ढांचे को मजबूत करने के लिए एक परियोजना पर काम कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार ओवरसीज मोबिलिटी (सुरक्षा एवं कल्याण) विधेयक लाने की प्रक्रिया में भी है, जो 1983 के उत्प्रवास अधिनियम (इमिग्रेशन एक्ट) की जगह लेगा और अंतरराष्ट्रीय समझौतों के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए एक तंत्र बनाएगा, जोकि विदेश में रोजगार के लिए सुरक्षित एवं नियमित प्रवासन को बढ़ावा देगा।

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