– 22 लाख का हिसाब किताब बरामद-47,500 रुपये नगद बरामद-पुलिस कार्रवाई पर भी उठे सवाल
शिवराज बारवाल मीना
टोंक/उनियारा ।स्मार्ट हलचल|जिले में संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) ने शनिवार शाम को उनियारा सर्किल अन्तर्गत अलीगढ़ और सोप थाना क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी कर जुए के अड्डों का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि मौके से नगद राशि और लाखों रुपये के लेन-देन का हिसाब रखने वाली डायरी बरामद हुई है। हालांकि, कथित रूप से धारासिंह नाम के एक युवक की बिना किसी अपराध के संदिग्ध गिरफ्तारी से डीएसटी की कार्रवाई पर सवाल खड़े होते नजर आए हैं।
पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीणा (आईपीएस) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक टोंक रतनलाल भार्गव व डीएसपी उनियारा आकांक्षा चौधरी के सुपरविजन में गठित टीम ने योजनाबद्ध तरीके से यह कार्रवाई की।
*अलीगढ़ थाना क्षेत्र में कार्रवाई*
डीएसटी टीम ने पचाला गांव में दबिश देकर सोहनलाल और इकबाल को जुआ खेलते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके पास से 47,500 रुपये नगद बरामद किए। वहीं जब्त डायरी में करीब 6 लाख रुपये के जुए का हिसाब सामने आया। दोनों के खिलाफ अलीगढ़ थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
*सोप थाना क्षेत्र में बड़ी पकड़*
सोप थाना क्षेत्र के कोटड़ी मोड़ पर जुआ-सट्टे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। यहां से 9,200 रुपये नगद बरामद हुए, जबकि डायरी में करीब 16 लाख रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ।गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी नन्दकिशोर व यासीन कोटा तथा स्थानीय निवासी धारासिंह, प्रकाश, चेतन और देशराज शामिल हैं।
*कार्रवाई पर उठे सवाल*
इस कार्रवाई के दौरान एक अहम विवाद भी सामने आया है। एक आरोपी के परिजनों ने आरोप लगाया है कि धारासिंह को बिना ठोस सबूत और बिना फर्द जप्ती के संदिग्ध मानकर गिरफ्तार किया गया, जो कि अवैध गिरफ्तारी नियमों के विरुद्ध है। इसको लेकर पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। परिजनों ने जिला पुलिस अधीक्षक टोंक से डीएसटी टीम व सोप थाना पुलिस की अवैध संदिग्ध गिरफ्तारी के कारणों की जांच कराने की मांग की है।
*संगठित अपराध पर बड़ा प्रहार या स्थानीय पुलिस की लापरवाही?*
जिला स्पेशल टीम डीएसटी की इस कार्रवाई ने जहां एक ओर संगठित जुआ नेटवर्क का खुलासा किया, वहीं दूसरी ओर स्थानीय अलीगढ़ और सोप थाना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने बड़े स्तर पर जुआ-सट्टा संचालित होने के बावजूद स्थानीय पुलिस की अनभिज्ञता या निष्क्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है। फिलहाल अलीगढ़ व सोप थाना पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, आरोपी धारासिंह मीणा की कथित अवैध गिरफ्तारी को लेकर उठे सवालों ने इस पूरी कार्रवाई को और भी चर्चाओं में ला दिया है। पुलिस ने कोर्ट कैंप मजिस्ट्रेट उनियारा के समक्ष पेश किया जहां से मजिस्ट्रेट ने मुख्य आरोपियों का पीसी रिमांड मांगे जाने पर अन्य सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में टोंक जेल भेज दिया गया है।
