शिव लाल जांगिड़
लाडपुरा |स्मार्ट हलचल।मेनाल-प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मेनाल झरने पर शनिवार देर रात एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां पुरातत्व विभाग के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी ने 150 फीट गहरे झरने में छलांग लगा दी। इस आत्मघाती कदम से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। रविवार सुबह पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद शव को खाई से बाहर निकाला जा सका।
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान बाबूलाल (62) पिता उदयलाल हरिजन, मूल निवासी चित्तौड़गढ़ के रूप में हुई है। वे पुरातत्व विभाग से सेवानिवृत्त थे और पिछले करीब 40 वर्षों से अपने परिवार के साथ मेनाल में ही रह रहे थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 10 बजे बाबूलाल घर में किसी मामूली बात को लेकर हुई कहासुनी के बाद घर से निकल गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने उन्हें झरने की ओर जाते हुए देखा था और कुछ ही देर बाद उनके झरने में कूदने की सूचना मिली।
घटना की सूचना मिलते ही बेगूं थाना प्रभारी कमल चंद पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। रात में अत्यधिक अंधेरा होने और झरने की गहराई अधिक होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी चुनौतियां आईं। रविवार सुबह राहत दल ने काफी प्रयासों के बाद झरने के नीचे चट्टानों के बीच फंसे शव को सुरक्षित बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि करीब 150 फीट नीचे गिरने के दौरान बाबूलाल पानी की बजाय सीधे चट्टानों पर जा गिरे, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। फिलहाल, पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंपने की कार्रवाई शुरू कर दी है और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए मामले की जांच कर रही है।
