भीलवाड़ा । सदर थाना पुलिस ने ट्रेक्टर से टक्कर मार, कुचलकर हत्या करने के आरोप मे 1 आरोपी को गिरफ्तार किया द्वारा अपराधो की रोकथाम के लिए निरन्तर चलाये जा रहे अभियान के तहत् एएसपी पारसमल जैन मुख्यालय भीलवाडा के निर्देशन व माधव उपाध्याय आई.पी.एस सहायक पुलिस आयुक्त सदर भीलवाडा के निकटतम सुवरवीजन मे उक्त कार्यवाही कि गई। पुलिस थाना सदर पर दिनांक 29.11.2025 कों सुबह प्रियदर्षनी नगर के पास, सुवाणा हलेड रोड के पास करीब 50 मीटर की दुरी पर खाली भुमि पर एक व्यक्ति की लाश पडी है की सूचना मिली उक्त सुचना पर थानाधिकारी, थाना सदर व पुलिस टीम ने मौके पर पहुंच घटनास्थल का निरीक्षण कर घटनास्थल से करीब 100 मीटर दुरी खडी एक स्कुटी के नम्बर प्लेट पर अंकित रजि.नं की जानकारी राजकाॅप ऐप से कि गई तो पता चला कि मृतक का नाम महेन्द्र सिंह पुत्र छीतर सिह पंवार जाति रावणा राजपुत निवासी मकान 10 डी 39, तिलक नगर भीलवाडा है। जिसके परिजनो को सुचना करने पर परिजन मौके पर आये। जिन्होने ने मृतक की शिनाख्त कर रूपये के लेनदेन एवं अवैध सम्बंधो के कारण हत्या करने की आशंका जताई मौके पर सहायक पुलिस अधीक्षक माधव उपाध्याय आई.पी.एस एवं एफ.एस.एल. एवं एम.ओ.बी टीम नें घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक महेन्द्र सिंह की लाश को मोर्चरी एम.जी.एच अस्पताल भीलवाडा मे रखवाई और मेडिकल बाॅर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया एवं मतृक के पुत्र की रिपोर्ट पर अज्ञात लोगो के विरूद्व हत्या का मामला दर्ज किया गया। मौके के हालात पोस्टमार्टम के आधार एवं एफएसएल युनिट द्वारा घटनास्थल के वैज्ञानिक जांच पडताल से पाया कि मृतक को पीछा कर किसी वाहन सें टक्कर मार कर हत्या कि गई । टीम ने अज्ञात हत्या के आरोपी की तलाश के लिए थाना स्तर पर टीम का गठन कर आस पास के सी.सी.टी.वी कैमरे देखते हुयें मृतक की पृष्ठभुमि के आधार पर सभी पहुलओं पर जांच करते हुयें, मृतक के परिजनों और दोस्तो से पुछताछ और जांच से सभी पहलुओ पर अनुसंधान किया । करीब 20 से अधिक संदिग्ध व्यक्तियो से पुछताछ कि गई और शक के दायरे मे आये रामेश्वर पुत्र रामचंद्र जाट उम्र 40 साल निवासी लक्ष्मीपुरा थाना बनेडा भीलवाडा को हिरासत मे लेकर मनौवैज्ञानिक तरीके से पुछताछ कि गई तो उसके द्वारा अपने ट्रेक्टर से टक्कर मार कर हत्या करना पाया गया। आरोपी रामेश्वर और मृतक महेन्द्र सिंह दोनो दोस्त होकर पिछले करीब 7-8 सालो से दुध डेयरी के धंधे मे पार्टनर थे। जिनके बीच रूपयो का लेनदेन होता रहता था। इसी दौरान आरोपी रामेश्वर जाट की पत्नि से मृतक महेन्द्र सिंह के अवैध सम्बंध बन गये थे और आरोपी महेन्द्र सिंह के प्रियदर्षनी नगर मे स्थित मकान में प्रत्येक रविवार को मिलने लग गये जिसकी जानकारी आरोपी रामेश्वर लाल को तीन माह पुर्व हुई तों उसने महेन्द्र को अपनी दोस्ती का हवाला देकर उसकी पत्नि से दुर रहने की सलाह दी तो महेन्द्र ने उसको धमकी दी कि वह उसके बीच मे नही आये वरना व उसकी पत्नि की बदनामी कर देगा और उसके इकलौते पुत्र की हत्या कर देगा। इसी वजह से आरोपी रामेश्वर ने योजना बनाई कि वह अपने मित्र महेन्द्र सिंह की हत्या कर देगा। दोस्त होने से उसका महेन्द्र सिंह की प्रत्येक गतिविधी की जानकारी थी उसने काफी सोच समझकर माॅर्निंग वाॅक की आदत के अनुसार उसे वही ट्रेक्टर से टक्कर मार कर कुचल कर उसकी हत्या करना ही सबसे अच्छा तरीका लगा। आरोपी ने रात को सभी के सोने के बाद करीब दो बजे अपने ट्रेक्टर से निकल कर कच्चे रास्ते से सुवाणा हलेड मार्ग पर पहुंच कर वहाॅ इंतजार कर घात लगाकर बैठा रहा और जैसे ही महेन्द्र वहाॅ मार्निंग वाॅक करने सडक पर आया तों आरोपी ने अपने ट्रेक्टर से टक्कर मारी, महेन्द्र बचने के लिये खेतो की तरफ भागा तो उसने ट्रेक्टर से पीछा कर उसके पीछे टक्कर मारी और उसके ट्रेक्टर के आगे के टायरो के नीचे कुचल दिया जिसके बाद आरोपी अपने ट्रेक्टर को लेकर मौके से भाग कर अपने घर पहुंच दैनिक दिनचर्या के काम करने लग गया जिससे कि किसी को उस पर कोई शक नही हो परन्तु मुखबीर की सुचना, और सुझबुझ से किये अनुसंधान और पुछताछ के बाद आरोपी रामेश्वर जाट को गिरफ्तार किया गया। टीम में
कैलाश कुमार विष्नोई थानाधिकारी थाना सदर भीलवाडा, राजेन्द्र सिंह ए.एस.आई पुलिस थाना सदर भीलवाडा, हैड कांस्टेबल रोहिताश्व, मुकेश कुमार, भंवर सिंह गुर्जर । (विषेश योगदान), कमल किशोर (विषेश योगदान), गजराज (विषेश योगदान), भगवानदान, महादेव, महेन्द्र शामिल थे ।













