ब्यावर में ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे’ अभियान: “चुपचाप रहना नहीं है, गलत स्पर्श को सहना नहीं है” संदेश के साथ विद्यालयों में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित

अनिल कुमार

ब्यावर।स्मार्ट हलचल|राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ब्यावर के तत्वावधान में मंगलवार को जिले के विभिन्न विद्यालयों में ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे’ अभियान के अंतर्गत विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य बच्चों को शोषण के खिलाफ आवाज उठाने, खुद की सुरक्षा करने और बाल यौन अपराधों से संरक्षण कानून (पोक्सो एक्ट) के प्रति जागरूक करना था।

शिविरों के दौरान सोनल पारीख, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ब्यावर ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, अंधेरी देवरी एवं नरबदखेड़ा में विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने बच्चों को ‘गुड टच-बैड टच’, पोक्सो अधिनियम-2012, दुर्व्यवहार की पहचान, शिकायत प्रक्रिया और निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा गया कि किसी भी अनुचित व्यवहार या असुरक्षित स्थिति में तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक, पुलिस या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को सूचित करें।

कार्यक्रम के तहत जिले के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनीता शर्मा, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेटगण पंकज सांखला, प्रवीण चौहान, प्रवीण शंकर, मोनिका चौधरी तथा न्यायिक मजिस्ट्रेटगण हर्षित शर्मा, राघवेन्द्र दाधीच, लक्ष्या वाधवा एवं अमन तेंगुरिया ने भी विभिन्न स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।

हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी:
विद्यार्थियों को संकट के समय तुरंत सहायता प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित आपातकालीन नंबर साझा किए गए:

चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098

नालसा हेल्पलाइन: 15100

महिला हेल्पलाइन: 181

पुलिस सहायता: 100 एवं 112

पौधारोपण एवं नारी संवाद कार्यक्रम:
जागरूकता शिविर के साथ ही सोनल पारीख द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, नरबदखेड़ा में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
इसके अलावा, ग्राम पंचायत नरबदखेड़ा में ‘नारी संवाद एवं कम्युनिटी मिडिएशन’ कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें ग्रामीणों को मध्यस्थता, महिलाओं के अधिकारों और राज्य सरकार की निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं से अवगत कराया गया।