ट्रांसपोर्ट कंपनीज एसोसिएशन की वार्षिक आम सभा में शंभुपुरा के निरस्त भूखण्डों की बहाली का मुद्दा छाया,तीन माह में चुनाव करवाने पर बनी सहमति
कोटा। स्मार्ट हलचल|ट्रांसपोर्ट कंपनीज एसोसिएशन, कोटा की वार्षिक आम सभा पोरवाल भवन, सुभाष नगर में सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में 120 सदस्यों ने भाग लिया, जिसमें शंभुपुरा ग्रोथ सेंटर में निरस्त किए गए भूखण्डों की बहाली का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। बैठक में संरक्षक जेपी शर्मा,अध्यक्ष मधुसूदन खण्डेवाल,उपाध्यक्ष पंकज बजाज,सचिव प्रमोद कुमार गर्ग, कोषाध्यक्ष दीपक बाहेती सहित अन्य कार्यकारिणी सदस्य भी वरिष्ट सदस्य उपस्थित रहे।
एकजुटता से संघर्ष का आह्वान
सभा में सबसे अहम मुद्दा शंभुपुरा ग्रोथ सेंटर में आवंटित भूखण्डों के निरस्त होने का रहा। अध्यक्ष मधुसूदन खण्डेवाल ने इस समस्या पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए सभी सदस्यों से एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। वरिष्ठ सदस्यों सोहन लाल जैन,निगम शर्मा,चंद्रशेखर रामचंदानी, मनोज रायका,मुकेश शर्मा, और रमेश विजय ने भी निरस्त भूखण्डों के लिए आंदोलन की आवश्यकता पर बल दिया और सभी ट्रांसपोर्ट सदस्यों को एक झंडे के नीचे संघर्ष करने की वकालत की। राहुल बाहेती ने कानूनी सहायता से सरकार पर दबाव बनने की बात रखी। संस्था की भूखण्ड व कार्यालय के बात मंच से उठी।
एसोसिएशन के अध्यक्ष मधुसूदन खण्डेवाल एवं संरक्षक जे.पी. शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा, “ट्रांसपोर्ट कंपनीज एसोसिएशन वर्ष 1969 से कोटा में कार्यरत है और हर ट्रांसपोर्ट कंपनी के सुख-दुख की साथी रही है। हमारा संगठन एक लोकतांत्रिक संस्था है, जहां पिछले चार कार्यकालों से निरंतर चुनाव के माध्यम से पदाधिकारियों का चयन किया जा रहा है।”उन्होने कहा आम सहमति के अनुसार आगामी तीन माह के अंदर संस्था के चुनाव करवायें जाएंगे और संस्था सक्रिय सदस्य ही इस चुनाव प्रक्रिया के भागीदार बन सकेंगे।
एसोसिएशन की गतिविधियों की समीक्षा
सचिव प्रमोद कुमार गर्ग ने बताया कि आम सभा का मुख्य उद्देश्य वर्ष भर की गतिविधियों की समीक्षा करना, आगामी योजनाओं पर चर्चा करना तथा सदस्यों से सुझाव प्राप्त करना था।
आम सभा में शंभुपुरा ग्रोथ सेंटर के निरस्त भूखण्डों के अलावा, ट्रांसपोर्ट नगर में अतिक्रमण, गंदगी और नाली पठान की समस्याओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। अध्यक्ष खण्डेवाल ने बताया कि इन समस्याओं के समाधान पर प्राप्त सुझावों को शीघ्र ही लागू किया जाएगा।
