माय भारत , स्मार्ट हलचल| युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय के संयुक्त तत्वाधान में एमिटी विश्वविद्यालय में आयोजित 17वें आदिवासी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के चौथे दिन युवाओं ने सांस्कृतिक धरोहरों का भ्रमण किया।
सर्वप्रथम प्रतिभागियों को राजस्थान विधानसभा का दौरा कराया गया । जहां प्रतिभागियों को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी से संवाद का अवसर मिला । इस अवसर पर राज्य निदेशक माय भारत राजस्थान के कृष्णलाल ने कार्यक्रम की संक्षिप्त जानकारी प्रदान की। विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने आदिवासी युवाओं के उत्साह और आत्मविश्वास की सराहना की । उन्होंने बताया कि सरकार के प्रयासों से वर्तमान में अतिवाद में कमी आई है। जल्द ही संपूर्ण नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र भी विकसित भारत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भाषण प्रतियोगिता के तीन विजेताओं जिसमें प्रथम स्थान जकसया कटीमांजी – कालाहांडी, उड़ीसा, दूसरा स्थान अनिता सिंह कुंतिया प. सिंहभूम, द्वितीय स्थान दीपित निहाल, कालाहांडी, उड़ीसा , तृतीय स्थान को चेक और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया ।
विधानसभा में युवाओं को राज्य की विधायी प्रक्रिया और लोकतंत्र की गहराई के बारे में जानकारी भी दी गई।
प्रतिभागियों ने विधानसभा भवन के इतिहास और उसकी संरचना को देखा और विधायकों के कामकाज की प्रक्रिया को करीब से समझा।
विधानसभा संग्रहालय दौरे के दौरान, युवाओं को लोकतंत्र की शक्ति और नागरिक जिम्मेदारियों का महत्व समझाया गया। युवाओं ने इस अनुभव को अभूतपूर्व बताया।
तत्पश्चात युवाओं ने सवाई मानसिंह स्टेडियम में डॉ नीरज के पवन, शासन सचिव युवा कार्यक्रम में खेल मंत्रालय, राजस्थान सरकार से संवाद किया और युवाओं को उनके कर्तव्य देश प्रेम और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी को याद रखते हुए माय भारत पोर्टल के माध्यम से विकास गतिविधियों में शामिल होने का आह्वान किया। इसके बाद युवाओं ने स्टेडियम अमर जवान ज्योतिऔर युवा आवास का भी भ्रमण किया ।
दोपहर के सत्र में युवाओं को जयपुर की ऐतिहासिक धरोहरों का भ्रमण कराया गया। प्रतिभागियों ने अल्बर्ट हॉल , सिटी पैलेस, हवा महल, और जंतर मंतर जैसे स्थलों का दौरा किया।
अल्बर्ट हॉल : यहां संपूर्ण राजस्थान के इतिहास , महाराणा प्रताप के शौर्य और वीरगाथाओं को करीब से जानने का मौका मिला ।
सिटी पैलेस: युवाओं ने इस भव्य महल की वास्तुकला और राजपूताना संस्कृति को करीब से देखा।
जंतर मंतर: खगोलशास्त्र और प्राचीन भारत के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को समझने का यह एक अनूठा अनुभव था।
हवा महल: इस ऐतिहासिक इमारत की अद्वितीय संरचना ने प्रतिभागियों को आकर्षित किया।
प्रतिभागियों ने इन स्थलों की भव्यता और समृद्धि की सराहना की। प्रतिभागी ने कहा:
“यह हमारे लिए एक ऐसा अनुभव है, जिसने राजस्थानी संस्कृति के प्रति गर्व और प्रेम को और बढ़ा दिया है।”
कार्यक्रम में जिला युवा अधिकारी जयपुर पंकज यादव, सहायक निदेशक प्रदीप कुमार, माय भारत राजस्थान , जिला युवा अधिकारी मधु यादव, कुमार मधुकर ,जिला युवा अधिकारी, बारां लेखन कार्यक्रम सुपरवाइजर, सुरेंद्र शर्मा लेखा एवं कार्यक्रम सहायक, प्रहलाद सैनी, मुरारी सैनी आदि कार्यक्रम में उपस्थित रहे।













