राजेन्द्र बबलू पोखरना
कोटड़ी|स्मार्ट हलचल|राजस्थान प्रवर्तनी, शासन प्रभाविका पूज्या गुरुणी श्री यश कवर जी मसा की 90वीं दीक्षा जयंती के उपलक्ष में आयोजित तीन दिवसीय धार्मिक महोत्सव मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति एवं धर्म आराधना के साथ सम्पन्न हो गया। महोत्सव के दौरान पूरे वातावरण में धर्म प्रभावना, गुरु भक्ति और तप आराधना की सरिता बहती रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लेकर धर्म लाभ अर्जित किया।
स्थानीय शीतल भवन में विराजित शीतल ज्योति परम पूज्या श्री मणीप्रभा जी मसा ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में व्यक्ति को अपने जीवन में संयम, संस्कार और गुरु भक्ति को अपनाने की आवश्यकता है। गुरु के बताए मार्ग पर चलकर ही आत्मकल्याण संभव है। उन्होंने कहा कि धर्म केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यवहार में विनम्रता, सेवा और त्याग का समावेश ही सच्चा धर्म है। मणीप्रभा जी मसा ने कहा कि गुरुणी श्री यश कवर जी महाराज साहब का सम्पूर्ण जीवन तप, त्याग एवं साधना की प्रेरणा देता है। उनके जीवन आदर्शों को अपनाकर समाज में संस्कार और सद्भावना को बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने श्रावक-श्राविकाओं से नियमित सामायिक, तप आराधना एवं धर्म ध्यान करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान मधुर व्याख्यानी पूज्या श्री सुमन प्रभा जी मसा ने धर्म की महत्ता बताते हुए कहा कि जीवन में सच्चा सुख केवल आत्मशांति से प्राप्त होता है। वहीं तरुण तपस्वी पूज्या रुचिका श्री जी मसा ने युवाओं को धर्म एवं संस्कारों से जुड़ने का संदेश दिया। तीन दिवसीय कार्यक्रम के तहत पेसठिया छंद, धर्मसभा, यश चालीसा पाठ, गुणानुवाद सभा, सामूहिक एकासन एवं सामायिक दिवस सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन हुए। अंतिम दिन आयोजित गुणानुवाद सभा में श्रद्धालुओं ने गुरुणी श्री यश कवर जी मसा के जीवन आदर्शों का स्मरण करते हुए गुरु भक्ति व्यक्त की। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष निर्मल लोढ़ा एवं मंत्री प्रकाश पोखरना ने बताया कि तीनों दिनों तक आयोजित कार्यक्रमों में समाजजनों का उत्साह देखते ही बन रहा था। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने एकासन तप, सामायिक एवं धर्म आराधना में भाग लेकर वातावरण को धर्ममय बना दिया। कार्यक्रम के समापन पर संघ की ओर से सभी सहयोगकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया गया। इस दौरान संघ के अध्यक्ष निर्मल लोढा, पूर्व अध्यक्ष नवरतन मल पोखरना, संरक्षक सज्जन सिंह पोखरना, पूर्व प्रवक्ता शान्ति लाल पोखरना ने भी गुरुणी के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित किए। वही सुनीता, अनिता, चन्दा पोखरना ने गीतिका प्रस्तुत की। कार्यक्रम में तीसरे दिवस के आयोजक बलवन्त सिंघवी ने सभी का आभार जताया।
