जीवन मे सच्ची श्रद्धा,भक्ति और भगवान पर अटूट विश्वास ही मनुष्य की सबसे बड़ी शक्ति- पं कृष्णतनय

“साथ म्हारे सिरधणी परमेश्वर परिवार”
नानी बाई रो मायरो कथा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

काछोला 16 मार्च -स्मार्ट हलचल|धर्मनगरी काछोला में आयोजित पावन प्रथम भव्य फाग महोत्सव के अंतर्गत “नानीबाई रो मायरो” कथा के द्वितीय दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं का आगमन मन को आकर्षित करता रहा और पूरे वातावरण में भजन, कीर्तन तथा हरिनाम की मधुर ध्वनि और भक्तवत्सल भगवान की जयकारों से गूंजती रही।

कथावाचक विष्णुश्री कृष्णतनय जी महाराज श्री ने द्वितीय दिवस की कथा में भगवान की भक्तवत्सलता और सच्ची भक्ति की महिमा का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब भक्त का हृदय निष्कपट प्रेम और विश्वास से भर जाता है, तब स्वयं भगवान उसके जीवन की हर आवश्यकता का ध्यान रखते हैं।

कथा में नानीबाई के मायरे की अद्भुत लीला का भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया गया कि किस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण ने अपने भक्त नरसी मेहता की लाज रखने के लिए किशना खाती का रूप धरा और भक्त की पथ रखी और स्वयं आकर भक्त की प्रतिष्ठा को बनाए रखा। इस प्रसंग को सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और कई भक्तों की आंखें श्रद्धा के आँसुओं से भर गईं।

कथावाचक ने अपने प्रवचन में यह भी कहा कि जीवन में सच्ची श्रद्धा, भक्ति और भगवान पर अटूट विश्वास ही मनुष्य की सबसे बड़ी शक्ति है। जो व्यक्ति भगवान पर विश्वास रखता है, उसके जीवन में कभी अभाव नहीं रहता।

कथा के मध्य मधुर भजनों और संकीर्तन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने भजनों पर भावपूर्वक झूमकर भगवान का गुणगान किया।

कार्यक्रम के अंत में आरती एवं प्रसाद वितरण हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आयोजकों ने सभी भक्तों से आगामी दिनों में भी कथा में अधिक से अधिक संख्या में पधारकर भक्ति रस का लाभ लेने का आग्रह किया।

इस प्रकार “नानीबाई रो मायरो” कथा का द्वितीय दिवस भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ और कल दिन में कथा रहेगी और रात्रि में भव्य फाग महोत्सव का आयोजन होगा जिसमें भजन प्रवाहक शानू कबीरा और हर्षिता मालू प्रस्तुति देंगे।
इस अवसर पर डॉ कैलाश चन्द्र वैष्णव, भैरु लाल मंत्री, रमेश चन्द्र काष्ट, शंकर लाल सोडानी,भगवान शंकर शर्मा,महावीर बसेर,सूर्यकांत त्रिवेदी,डॉ राधेश्याम वैष्णव,रामचन्द्र लढ़ा,भगवान काष्ट सहित आदि ने कथा वाचक पंडित विष्णु श्री कृष्णतनय जी महाराज का श्रीफल भेंट कर स्वागत किया।