नई दिल्ली-उदयपुर, 23 अप्रैल।स्मार्ट हलचल|अखिल भारतीय गुर्जर महासभा द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक पुरुषोत्तम पाटील की सहमति से श्रीमती कामिनी गुर्जर को अखिल भारतीय गुर्जर महिला महासभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति तीन वर्षों के लिए की गई है तथा तत्काल प्रभाव से लागू मानी जाएगी।
श्रीमती कामिनी गुर्जर को इस महत्वपूर्ण दायित्व पर नियुक्त किए जाने से गुर्जर समाज में हर्ष और उत्साह का माहौल है। उनकी नियुक्ति को गुर्जर समाज की महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस अवसर पर प्रो. बी. एस. रावत (राष्ट्रीय प्रवक्ता, अखिल भारतीय गुर्जर महासभा) ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कामिनी गुर्जर के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में देशभर की गुर्जर महिलाओं को सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक, आर्थिक एवं न्यायिक क्षेत्रों में नए अवसर प्राप्त होंगे।
रावत ने कहा कि दीपक पुरुषोत्तम पाटील (राष्ट्रीय अध्यक्ष) एवं बच्चू सिंह बैसला (राष्ट्रीय संगठन महामंत्री) सहित समस्त पदाधिकारियों ने जिस विश्वास और आशा के साथ उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है, वह उस पर पूरी तरह खरी उतरेंगी और संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि कामिनी गुर्जर, मां पन्नाधाय और मां धोला गूजरी के आदर्शों पर चलते हुए समाज की बहनों और बेटियों के लिए नई मिसाल स्थापित करेंगी। साथ ही वे महिलाओं को प्रशासनिक एवं राजनीतिक भागीदारी के लिए प्रेरित कर समाज में उनकी भूमिका को और मजबूत करेंगी।
*कामिनी गुर्जर का वक्तव्य:*
इस अवसर पर नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष कामिनी गुर्जर ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, वह उसे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगी। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य गुर्जर समाज की महिलाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ाना होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि वे समाज की हर बहन और बेटी को सशक्त बनाने के लिए ठोस योजनाएं तैयार करेंगी तथा उन्हें प्रशासनिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करेंगी। कामिनी गुर्जर ने विश्वास जताया कि सभी पदाधिकारियों और समाज के सहयोग से संगठन को एक नई दिशा और गति मिलेगी।
यह नियुक्ति न केवल गुर्जर समाज के लिए बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक सकारात्मक, प्रेरणादायक और दूरगामी प्रभाव डालने वाला कदम मानी जा रही है।
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