भीलवाड़ा । पूरे देश मे ब्राह्मण समाज के वैश्विक संग़ठन विप्र सेना के तत्वाधान में UGC द्वारा 2026 में अधिसूचित (notify) नए जाति-आधारित भेदभाव-विरोधी नियमों के विरोध में ज्ञापन व विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है । इसी क्रम में विप्र सेना भीलवाड़ा के कार्यकर्ताओं ने भीलवाड़ा सांसद एवं लोकसभा प्रवर सिमिति सदस्य दामोदर अग्रवाल को ज्ञापन सौपा ।
विप्र सेना के जिलाध्यक्ष दीपक सुल्तानिया ने बताया की जातिगत भेदभाव को मिटाने के नाम पर बनाए गए यूजीसी एक्ट साफ नियत से बनाना चाहिए था, सियासी नजरिए से नहीं। इस काले कानून को बनाने की जरूरत नहीं थी जबकि देश में पहले से भारतीय न्याय संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता, एंटी रैगिंग नियम और SC ST एक्ट बना हुआ है तो नये जातिगत नियमों की क्या आवश्यकता है। जातिगत भेदभाव देश के लिए नासूर है ऐसे मामलों में दोषी के खिलाफ सख्त सजा का प्रावधान होना चाहिए मगर निर्दोष को बचने का अवसर भी मिलना चाहिए 2012 में बने नियम में था कि अगर आप गलत निकले या फसाने की मंशा निकले तो जुर्माना लगता था, ये नए नियम में क्यों नहीं है। पहले सिर्फ SC ST ही इस दायरे में आते थे, अब नए एक्ट में OBC वर्ग को भी जोड़ दिया गया, इससे यह प्रतीत होता है कि सवर्ण समाज को पहले से ही दोषी मान लिया गया। इस एक्ट के अनुसार सामाजिक समानता नहीं बल्कि हिन्दु समाज में दो फाड़ करने का प्रयत्न किया जा रहा है। विप्र सेना के प्रदेश महामंत्री योगेश व्यास, हरीश ओझा, आशीष जोशी, पार्षद ओम पाराशर, युवा जिलाध्यक्ष यश चतुर्वेदी, विजय ओझा, केशव शर्मा, संजय व्यास गौतम शर्मा, कश्यप चतुर्वेदी, अंकित शर्मा, विशाल व्यास के द्वारा ज्ञापन देकर मांग की गई की सामान्य वर्ग की भावनाओं को समझते हुए और संविधान की आत्मा पर प्रहार ना करते हुए ऐसा कानून बनाएं जो जातिगत भावनाओं से नहीं बल्कि समानता की भावना से प्रेरित हो इस कानून के तहत जो जांच कमेटी बिठाई जाएगी उसमें स्वर्ण समाज के प्रतिनिधि को रखा जाए और पारदर्शिता अपनाई जाए ।













