अहिंसा सर्किल पर अतिक्रमण की जिला प्रशासन व युआईटी को सैकड़ों शिकायतें, लेकिन कार्यवाही जीरो
(राजेश जीनगर, भीलवाड़ा)
जहां एक और पिछले कुछ समय से नगर निगम व नगर विकास न्यास शहर के विभिन्न चौराहों व बाजार में काबिज अस्थाई अतिक्रमण पर ताबड़तोड़ कार्यवाही कर जेसीबी के पंजे कहर बरपा रही है, वहीं दुसरी और कोटा बाईपास पर बढ़ता अतिक्रमण जिम्मेदारों की अनदेखी पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है की ऐसा क्यों ??
यहां पर मार्बल व्यवसाय फल फूल रहा है तो चाय की होटलों की आढ़ में टेंट तंबू तानकर सरकारी सड़क पर कब्जा किया जा रहा है, वहीं एक डेयरी बुथ संचालक ने केबिन की बजाय पक्का निर्माण कर अतिक्रमण को बढ़ावा देना भी युआईटी के अधिकारियों की अनदेखी पर बड़ा सवाल है। उधर दुसरी और शहर के अहिंसा सर्किल पर बढ़ते अतिक्रमण की बात करें तो नाम नहीं बताने की शर्त पर लोगों ने बताया की हमने अपने लेटर पैड पर युआईटी व जिला प्रशासन को सेंकड़ों बार शिकायतें दे दी, लेकिन नतीजा शुन्य होने से अतिक्रमण को बढ़ावा युआईटी अधिकारियों की सीधे सीधे तौर पर मिलिभगत की और संकेत करता है। जबकी यहां सांझ ढलने के साथ केबिनों की ओट से व खड़ी गाड़ियों की आड़ से अवैध शराब की बिक्री की शिकायतें आम है। लेकिन, आबकारी विभाग गंभीर नहीं तो अतिक्रमण को बढ़ावा युआईटी के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है। चर्चा तो यहां तक है की अतिक्रमियों की चेतावनी है की यहां से अतिक्रमण हटाया जाता है तो प्रशासन को इसके परिणाम भुगतने होंगे और माहौल खराब होने का जिम्मेदार भी प्रशासन रहेगा।

