ऊलेला पंचायत का चमत्कार: 100 वर्षों से जल रही अखंड ज्योत, आधा तेल और आधा पानी बना आस्था का केंद्र
जहाजपुर/ऊलेला (अलकेश पारीक / स्मार्ट हलचल)। भीलवाड़ा जिले की जहाजपुर तहसील स्थित ऊलेला ग्राम पंचायत अपनी एक अनोखी धार्मिक परंपरा और पर्यावरण संरक्षण के उत्कृष्ट कार्यों के कारण पूरे क्षेत्र में विशेष पहचान बना चुकी है। लगभग 2500 की आबादी वाले इस गांव की असली पहचान यहां का वह चमत्कारिक मंदिर है, जहां पानी से दीपक जलता है।
आधा तेल-आधा पानी: 100 वर्षों से जल रही अखंड ज्योत
गांव की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थित भगवान चारभुजा नाथ का प्राचीन मंदिर है, जहां पिछले करीब 100 वर्षों से अखंड ज्योत प्रज्वलित हो रही है। मंदिर के पुजारी मोतीलाल वैष्णव के अनुसार, इस दीपक में आधा तेल और आधा तालाब का पानी मिलाकर उपयोग किया जाता है। वर्षों पहले तेजाजी महाराज के भाव में संदेश मिला था कि तालाब के पानी से ही भगवान का दीपक जलेगा। आज भी पुजारी सुबह 4 बजे तालाब में स्नान कर वहीं से पानी लाते हैं, जिससे यह ज्योत जलाई जाती है। ग्रामीण इसे भगवान का साक्षात चमत्कार मानते हैं।
युवाओं ने लगाए 10 हजार पौधे, पेश की मिसाल
धार्मिक आस्था के साथ-साथ ऊलेला गांव के युवा पर्यावरण संरक्षण में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। गांव में लगभग 12 मंदिर हैं, जिन्हें केंद्र बनाकर युवाओं ने अब तक लगभग 10 हजार पौधे लगाए हैं।
ग्रामीण हर वर्ष मिलकर पौधारोपण करते हैं और पूरे वर्ष उनकी देखरेख करते हैं। युवाओं की इसी मेहनत से गांव में हरियाली बढ़ी है। धार्मिक आस्था, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकता का यह संगम ऊलेला पंचायत को पूरे क्षेत्र के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनाता है।
