ओम जैन
शंभूपुरा।स्मार्ट हलचल|लगभग 3 माह से करीब 25 वर्षीय अज्ञात महिला डूंगला के गुमानपुरा गांव में भटक रही दिनांक 30 नवम्बर को डूंगला के स्थानीय समाजसेवक गोपाल शर्मा के सान्निध्य में अस्पताल में ले जाया गया एवं डूंगला पुलिस उपनिरीक्षक अमृतलाल को भी सूचना दी गई इसी दौरान उक्त महिला को डूंगला अस्पताल से चित्तौड़गढ़ जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया तो यह सब घटनाक्रम खुशहाल वृद्धाश्रम की संचालिका को बताया गया।
संचालिका नंदिनी त्रिपाठी ने बताया कि दौरान वह अपने घर कपासन गई थी तो जिस एम्बुलेंस में महिला को लाया गया उसके चालक द्वारा भर्ती करने का अनुरोध करने पर भी उसे भर्ती नहीं किया गया, यह कहकर कि ये अज्ञात है, जानकारी में पता चला कि सोमवार को जब नंदिनी त्रिपाठी व आश्रम टीम से जीवन मेनारिया के साथ अस्पताल पहुंची तो वह महिला गम्भीर स्थिति में पाई गई उसके हाथ सड चुका था मक्खियो के साथ मधुमक्खियों ने भी हाथ पर घर बना लिया था, नंदिनी ने बताया कि इतना होने के बावजूद मेडिकल टीम ने कोई संवेदनशीलता नहीं दिखाई तत्पश्चात नंदिनी ने उसे अपनी जिम्मेदारी से भर्ती करवाया और बहुत कोशिश के बाद डाक्टर भानुप्रताप व राजेश स्वामी से बात कर इलाज शुरु हुआ। फीमेल सर्जिकल वार्ड में कार्यरत महिला स्टाफ और सफाई कर्मचारी ने स्वयं महिला होने के बाबजूद कोई मदद नही की, पंरतु वहां के इंचार्ज लोकेश सुथार का आत्मीयता से सहयोग मिला।
नंदिनी ने कहा कि उक्त महिला की पहचान अभी तक नही हो पाई है, उसके हाथ पर सपना नाम खुदा हुआ है, पहनावे और भाषा से आस पास के इलाके की लगती है।













