भारत-नेपाल बॉर्डर पर यूरिया तस्करी का खेल! किसान परेशान, तस्करों की बल्ले-बल्ले; आखिर किसके संरक्षण में चल रहा कारोबार?

तिकुनियां खीरी।स्मार्ट हलचल|भारत-नेपाल सीमा से सटे तिकुनियां क्षेत्र में इन दिनों यूरिया खाद की कथित तस्करी धड़ल्ले से जारी होने की चर्चाएं तेज हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले करीब एक महीने से सीमा पार नेपाल में यूरिया की खेप लगातार भेजी जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक इस पर प्रभावी रोक लगाने में नाकाम साबित हुआ है।विडंबना यह है कि एक ओर क्षेत्र के किसान अपनी खेती के लिए यूरिया खाद के लिए दर-दर भटक रहे हैं, जबकि दूसरी ओर तस्करों को कथित रूप से पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध हो रही है। इससे पूरे क्षेत्र में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर तस्करी के लिए इतनी बड़ी मात्रा में यूरिया कहां से पहुंच रही है?

सूत्रों का दावा है कि निबौरिया क्षेत्र की एक खाद दुकान से निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर यूरिया बेचे जाने की चर्चा है। आरोप है कि इसी खाद को खरीदकर नेपाल सीमा के रास्ते तस्करी के जरिए भेजा जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
यदि समय रहते इस कथित तस्करी पर अंकुश नहीं लगाया गया तो किसानों को खाद संकट का और अधिक सामना करना पड़ सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी के लिए कई विभाग सक्रिय हैं, तब भी कथित तस्करी का यह सिलसिला कैसे जारी है?

क्षेत्र में चर्चा है कि लगातार हो रही इस कथित तस्करी के बावजूद अब तक किसी भी खाद विक्रेता के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। इससे जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

अब किसानों और स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन, कृषि विभाग तथा संबंधित जांच एजेंसियां पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करें, ताकि किसानों को समय पर खाद मिल सके और सीमा पार होने वाली कथित तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।