अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शुक्रवार को अपनी पत्नी ऊषा वेंस के साथ ग्रीनलैंड पहुंचे.जेडी वेंस ने यह यात्रा ऐसे समय में की है जब ट्रंप बीते कुछ दिनों में कई बार ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की बात कह चुके हैं.सबसे पहले साल 2019 में डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को खरीदने की इच्छा जताई थी. दूसरी बार सत्ता में आने के बाद ट्रंप लगातार यह संकेत दे रहे हैं कि अमेरिका अपने ‘ग्रीनलैंड प्लान’ के लिए अपनी आर्थिक ताक़त या सेना का इस्तेमाल कर सकता है.हालांकि, वेंस ने कहा, “हमें नहीं लगता कि सैन्य बल की कभी आवश्यकता पड़ेगी.”
कोपेनहेगन में डेनमार्क के एक प्रमुख राजनेता मोगेंस लिक्केटोफ्ट, जो पूर्व विदेश मंत्री और संयुक्त राष्ट्र महासभा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं, ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘हमें अपना मामला संयुक्त राष्ट्र में लड़ना चाहिए, जहां यह निश्चित है कि अधिकांश देशों की ओर से ग्रीनलैंड के खिलाफ अमेरिकी आक्रमण की निंदा की जाएगी, और फिर हमें उन 70 प्रतिशत अमेरिकियों से समर्थन की अपील करनी चाहिए जो ग्रीनलैंड को अधिग्रहित करने के खिलाफ हैं.’ उन्होंने आगे कहा, ‘हमें कभी हार नहीं माननी चाहिए.’ उनकी बातों को सुनकर भीड़ ने ग्रीनलैंडिक और डेनिश में नारे लगाए, जिसमें यह स्पष्ट रूप से कहा गया, ‘ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है.’
अमेरिका को याद दिलाया समझौता
डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने ट्रंप प्रशासन की आलोचना की, खासकर उनके ‘स्वर’ को लेकर, जब उन्होंने डेनमार्क और ग्रीनलैंड की आलोचना की थी. उन्होंने कहा, ‘कई आरोप लगाए गए हैं. और हम आलोचना के लिए खुले हैं, लेकिन मैं पूरी तरह से ईमानदार रहकर कहूंगा. हम इस स्वर को पसंद नहीं करते, जिस तरह से इसे व्यक्त किया गया है. यह आपके करीबी सहयोगियों से इस तरह की बात नहीं की जाती. और मैं अभी भी डेनमार्क और अमेरिका को करीबी सहयोगी मानता हूं.’