Homeराज्यअमेरिका: राष्ट्रपति चुनावी परिदृश्य और भारत

अमेरिका: राष्ट्रपति चुनावी परिदृश्य और भारत

संजय सोंधी, उपसचिव, भूमि एवं भवन विभाग, दिल्ली सरकार

स्मार्ट हलचल/पाँच नवंबर 2024 को अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने जा रहा है l यह मुकाबला रिपब्लिक पार्टी के डोनाल्ड ट्रम्प तथा डेमोक्रेटिक पार्टी की कमला हेरिस के बीच होने जा रहा हैं l ध्यातव्य हैं कि कमला हेरिस की माँ भारत मूल की हैं l
डोनाल्ड ट्रम्प इसके पूर्व 2017-21 तक पूर्व में राष्ट्रपति रह चुके हैं l हालाँकि डेमोक्रेटिक पार्टी के द्वारा वर्तमान राष्ट्रपति जों बाईडन को इन चुनावों में उम्मीदवार घोषित किया गया था लेकिन उन्होंने अपनी ज्यादा उम्र का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति कमला हेरिस के पक्ष में अपनी उम्मेदवारी छोड़ दी l
अमेरिकी चुनाव की एक ख़ास बात यह हैं कि यहाँ पार्टी संगठन द्वारा उमीदवारों का चयन नहीं किया जाता, वरन संभावित उमीदवारों को अपनी उमीद्वारी प्राइमरी चुनावों के द्वारा स्थापित करनी होती हैं l अभी तक के हालातों को देखकर यह लगता है कि एक बहुत ही नजदीकी मुकाबला होगा l अंतिम परिणाम सात स्विंग स्टेट्स (जोर्जिया, निवादा, उत्तरी केरोलिना, मिशिगन, पेनसिल्वेनिया, एरिज़ोना व विस्कोंसिन) के परिणामों पर निर्भर करेगा l जब यह चुनाव हो रहे हैं तो इस समय विश्व में व्यापक पैमाने पर आर्थिक और भू-राजनैतिक तौर पर जबर्दस्त चुनौतियाँ विश्व के समक्ष व्याप्त हैं l यथा – यूक्रेन-रूस व इजराइल-हम्मास के मध्य भयंकर युद्ध चल रहा हैं l दूसरी तरफ विश्व उच्च मुद्रा स्फीति और आर्थिक मंदी का शिकार है l वर्तमान राष्ट्रपति जो बाईडन का नेतृत्व इन समस्याओं का निराकरण कर पाने में सफल नहीं हो पाया है l यहीं चुनौती नए राष्ट्रपति के समक्ष भी होगी l
पिछले चार वर्षों में अमेरिका की सर्वोच्चता को पर्याप्त चुनौती मिली है l नए राष्ट्रपति का पहला कार्य अमेरिका की प्रतिष्ठा को पुन: स्थापित करना होगा l जहाँ तक भारत का प्रश्न हैं भारत एक उभरती हुई विश्व शक्ति हैं l इसलिए भारत, किसी भी पार्टी का उम्मीदवार राष्ट्रपति के पद पर निर्वाचित हो जाने की स्थिति में अपना सामंजस्य स्थापित करने में सक्षम हैं l
डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने की स्थिति में अप्रवासियों के अमेरिका आने पर प्रतिबंध लगाए जाएंगे जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी का रूख इसके बिलकुल विपरीत है l
यूक्रेन-रूस युद्ध के फलस्वरूप या युद्ध के कारण अमेरिका द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बावज़ूद भारत ने रूस से कच्चे तेल का आयात लगातार जारी रखा, इससे भारत-अमेरिका संबंधों में कुछ अडचनें भी आई l हालांकि यह भी सत्य हैं कि भारत अमेरिका के नेतृत्व में स्थापित अनौपचारिक संगठन ‘क्वार्ट’ का सदस्य भी है l यह संगठन अप्रत्यक्ष रूप से चीन की बढ़ती हुई ताकत को संतुलित करने के लिए स्थापित किया गया था l
इस प्रकार पूरे विश्व के साथ-साथ भारत में यह दिलचस्पी का विषय है कि अमेरिका का अगला राष्ट्रपति कौन होगा ? और उसी के अनुरूप भारत को अपनी कूटनीति और विदेश नीति का परिचालन करना होगा l

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