राकेश मीणा
हरिद्वार। स्मार्ट हलचल|गणतंत्र दिवस के अवसर पर देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय भव्य परेड में उत्तराखंड संस्कृत अकादमी की झांकी ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया। यह झांकी संस्कृत भाषा, संस्कृति और परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन का प्रभावशाली प्रतीक बनकर उभरी।इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक गैरोला तथा संस्कृत अकादमी के सचिव प्रो. मनोज किशोर पंत को ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया।
13 संस्कृत ग्रामों की जीवंत झलक बनी पहचान
संस्कृत अकादमी की झांकी में प्रदेश के 13 संस्कृत ग्रामों की जीवंत और सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत की गई, जिसमें संस्कृत भाषा के ऐतिहासिक, शैक्षिक और सामाजिक योगदान को कलात्मक ढंग से प्रदर्शित किया गया।
झांकी की विषयवस्तु, रंग संयोजन और प्रस्तुति ने दर्शकों के साथ-साथ निर्णायक मंडल को भी गहराई से प्रभावित किया।
शिक्षकों, विद्यार्थियों और संस्कृत जगत में उत्साह
इस सम्मान से संस्कृत शिक्षा से जुड़े शिक्षकों, विद्यार्थियों और विद्वानों में उत्साह की लहर दौड़ गई है। इसे संस्कृत भाषा के संरक्षण के लिए एक बड़ी प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है।
अधिकारियों ने दी बधाई, टीमवर्क को बताया सफलता की कुंजी
संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक गैरोला ने अकादमी के सचिव प्रो. मनोज किशोर पंत और समस्त स्टाफ को बधाई देते हुए कहा कि
“यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है और संस्कृत भाषा के संरक्षण के लिए अकादमी के निरंतर प्रयासों का परिणाम है।”
वहीं प्रो. मनोज किशोर पंत ने इस सफलता का श्रेय अकादमी के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को देते हुए कहा कि
“टीम भावना, समर्पण और सीमित संसाधनों के बावजूद किए गए प्रयासों से यह सम्मान संभव हुआ है। भविष्य में संस्कृत अकादमी और बेहतर प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम और ऊंचा करेगी।”













