सोप पीएचसी पर डॉक्टर का पद खाली-मरीज बेहाल-हफ्ते में सिर्फ तीन दिन मिल रही चिकित्सा सेवा,

– देवली के चिकित्सक को अतिरिक्त चार्ज-आपातकालीन सेवाएं प्रभावित-ग्रामीणों में आक्रोश

शिवराज बारवाल मीना
टोंक/अलीगढ़।स्मार्ट हलचल| उनियारा उपखण्ड क्षेत्र के सोप उप तहसील मुख्यालय के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) में चिकित्सक का पद रिक्त होने से क्षेत्र के मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नियमित डॉक्टर की अनुपस्थिति के चलते मरीजों को समय पर ईलाज नहीं मिल पा रहा, जिससे विशेषकर आपातकालीन व गंभीर रोगियों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, सोप पीएचसी में कार्यरत चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीष मीणा का पीजी में चयन होने के बाद हाल ही में करीब एक सप्ताह पूर्व 30 मार्च 2026 को उन्हें गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, कोटा के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया। इसके बाद से यहां स्थायी चिकित्सक की नियुक्ति नहीं की गई है।वैकल्पिक व्यवस्था के तहत चिकित्सा विभाग की ओर से समीपवर्ती देवली पीएचसी की चिकित्सक डॉ. कनुप्रिया मीणा को सप्ताह में केवल तीन दिन गुरूवार, शुक्रवार और शनिवार के लिए सोप पीएचसी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।हालांकि यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं साबित हो रही है, क्योंकि बाकी दिनों में मरीजों को बिना डॉक्टर के ही लौटना पड़ रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि नियमित डॉक्टर नहीं होने से प्राथमिक उपचार तक प्रभावित हो रहा है। खासकर रात के समय या आकस्मिक स्थिति में मरीजों को दूरस्थ अस्पतालों की ओर भागना पड़ता है, जिससे समय और संसाधनों की भारी बर्बादी होती है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों पर भी उदासीनता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
*ग्रामीणों व क्षेत्रवासियों की मांग*
क्षेत्रवासियों ने सरकार व चिकित्सा विभाग से सोप पीएचसी पर शीघ्र नियमित चिकित्सक की नियुक्ति करने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों को समय पर और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।