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वैश्य एकता दिवस को गौ सेवा दिवस के रूप में मनाएगा वैश्य युवा संगठन, अंतर्राष्ट्रीय वैश्य फेडरेशन जिला भीलवाड़ा युवा इकाई की बैठक संपन्न

भीलवाड़ा। सामाजिक समरसता, सेवा भावना और संगठनात्मक सशक्तिकरण का प्रेरक संदेश देते हुए अंतराष्ट्रीय वैश्य फेडरेशन की जिला भीलवाड़ा युवा इकाई की महत्वपूर्ण बैठक आज उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। यह बैठक भीलवाड़ा में लोकसभा सांसद दामोदर अग्रवाल के कार्यालय पर आयोजित की गई, जहाँ युवाओं ने समाजहित के बड़े संकल्पों के साथ आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की। युवा जिलाध्यक्ष अंकित सोमानी ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में सेवा, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व की त्रिवेणी को आगे बढ़ाते हुए यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया कि 17 मार्च को मनाया जाने वाला वैश्य एकता दिवस इस वर्ष “गौ सेवा दिवस” के रूप में समर्पित भाव से मनाया जाएगा। इस अवसर पर गौ संरक्षण, गौ पोषण और भारतीय संस्कृति की इस पावन परंपरा के प्रति जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। युवाओं ने संकल्प लिया कि यह आयोजन केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि करुणा, कर्तव्य और संस्कृति के समन्वय का सशक्त अभियान होगा। इसके साथ ही 6 जुलाई को वैश्य स्थापना दिवस के अवसर पर एक विशाल रक्तदान शिविर आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया। युवाओं ने इसे मानव सेवा का सर्वोत्तम माध्यम बताते हुए कहा कि “रक्तदान – महादान” की भावना से समाज को जीवनदायिनी प्रेरणा दी जाएगी। यह शिविर समाज की एकता, मानवता और सेवा के आदर्शों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। बैठक के दौरान जिला युवा टीम के स्वरूप, विस्तार और भावी कार्ययोजना पर भी गंभीर विचार-विमर्श हुआ। संगठन को अधिक सक्रिय, संगठित और जनसेवा के प्रति समर्पित बनाने के लिए युवाओं की भूमिकाओं और दायित्वों पर स्पष्ट रणनीति तैयार की गई। वक्ताओं ने कहा कि युवा शक्ति ही समाज की असली ऊर्जा है, और जब यह ऊर्जा सेवा व संस्कार से जुड़ती है तो परिवर्तन अवश्यंभावी हो जाता है। इस गरिमामयी अवसर पर संभागीय युवा अध्यक्ष देवेंद्र डाणी, युवा जिला अध्यक्ष अंकित सोमानी, हर्ष राठी, त्रिदेव मूंदड़ा, आशीष शाह जैन, ऋषभ पोरवाल, योगेश हेडा, अंशुल शाह अग्रवाल, पंकज राठी सहित अनेक युवा सदस्य व पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में समाजहित के इन निर्णयों को ऐतिहासिक बताते हुए पूर्ण समर्पण से सफल बनाने का संकल्प व्यक्त किया। बैठक का वातावरण ऊर्जा, उत्साह और एकजुटता से ओतप्रोत रहा। यह स्पष्ट दिखा कि वैश्य युवा शक्ति अब केवल संगठनात्मक गतिविधियों तक सीमित नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व के व्यापक आयामों में सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार है। यह बैठक न केवल योजनाओं की घोषणा थी, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने का सशक्त संकल्प भी — जहाँ युवा शक्ति, सेवा भावना और सांस्कृतिक चेतना एक साथ दिखाई दी। इस अवसर पर संभागीय युवा अध्यक्ष देवेंद्र डाणी ने अपने सम्भोधन मे बताया कि “युवा केवल भविष्य नहीं, वर्तमान की सबसे बड़ी शक्ति हैं।”
“जब सेवा हमारा स्वभाव बनती है, तब समाज स्वयं मजबूत हो जाता है।” “संगठन से शक्ति, और शक्ति से परिवर्तन जन्म लेता है।” “हमारा हर प्रयास समाज के उत्थान और संस्कारों के संरक्षण के लिए समर्पित है।”

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