दिलखुश मोटीस
सावर(अजमेर)@स्मार्ट हलचल|बिसलपुर बांध की भराव क्षमता को एक मीटर बढ़ाने के प्रस्ताव का ग्रामीणों द्वारा विरोध किया जा रहा है। राष्ट्रीय विस्थापित समन्वय संघर्ष समिति के सदस्य इन दिनों क्षेत्र के विभिन्न गांवों में बैठकें कर किसानों को प्रस्ताव के प्रभावों के बारे में जागरूक कर रहे हैं। बैठकों में ग्रामीणों ने क्षमता बढ़ोतरी का सर्वसम्मति से विरोध किया।समिति के अध्यक्ष मुकुट सिंह राणावत ने बताया कि इस मुद्दे पर 30 नवंबर को नेगड़िया स्थित बाबा रामदेव भंडारा परिसर में दोपहर 1 बजे बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें टोंक, अजमेर और भीलवाड़ा जिलों के कुल 63 गांवों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। टोंक जिले से 31, अजमेर से 17 और भीलवाड़ा जिले से 15 गांवों के किसान बैठक में भाग लेंगे।
बैठक में विस्थापित किसानों की समस्याओं और 20 सूत्रीय मांगों पर चर्चा की जाएगी। महापंचायत के बाद समिति द्वारा देवली उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। मांगों पर कार्रवाई के लिए प्रशासन को दो सप्ताह का समय देने का निर्णय लिया गया है।
समिति का कहना है कि यदि समय सीमा में मांगें नहीं मानी गईं, तो किसान उपखंड कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण धरना देंगे। इसके साथ ही समिति ने सभी 63 गांवों में जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय भी लिया है।
बैठक में राज बहादुर रेगर, रामकुंवर, कुलदीप, संजय बैरवा, कालूराम मीणा सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।


