ग्रामवासियों ने एसपी को सौंपा ज्ञापन, जानलेवा हमले के आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

रूपपुरा गांव में पुरानी रंजिश को लेकर हमला करने का आरोप, गंभीर घायल के उपचार का हवाला देकर पुलिस कार्रवाई की मांग

रूपपुरा, स्मार्ट हलचल। गंगरार तहसील के माल का खेड़ा क्षेत्र के रूपपुरा गांव में एक व्यक्ति पर कथित जानलेवा हमले के मामले को लेकर ग्रामवासियों ने रोष जताया। ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर हमले में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।ग्रामवासी रतनलाल शर्मा के अनुसार 11 अगस्त की सुबह गांव निवासी रामेश्वरलाल शर्मा अपने खेत पर था। इसी दौरान एक व्यक्ति कीड़े मारने की दवा लेने के लिए वहां आया। रामेश्वरलाल ने उसे शाम को घर आकर दवा ले जाने की बात कही। आरोप है कि इसके बाद उक्त व्यक्ति ने पुराने विवाद से जुड़े लोगों को इसकी जानकारी दी और रामेश्वरलाल के घर की ओर आने के दौरान उसे रास्ते में बुला लिया गया।

ग्रामीणों के अनुसार सुबह करीब सवा 8 बजे पानी की टंकी के पास पहले से मौजूद आधा दर्जन से अधिक महिला-पुरुषों ने रामेश्वरलाल पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने कुल्हाड़ी, पाइप, सरिए और लाठियों सहित अन्य हथियारों से मारपीट की। हमले में रामेश्वरलाल के दोनों हाथ-पैर में गंभीर चोटें आईं तथा सिर पर भी वार किया गया।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रामेश्वरलाल का बीच-बचाव करने पहुंची उनकी पुत्रवधू एवं अन्य परिजनों के साथ भी मारपीट की गई, जिसमें वे भी घायल हुए।

परिजनों एवं ग्रामीणों के अनुसार रामेश्वरलाल को गंभीर हालत में उपचार के लिए भीलवाड़ा ले जाया गया, जहां उन्हें आईसीयू में भर्ती रखना पड़ा। इसके बाद ऑक्सीजन लेवल कम होने, रक्त संबंधी समस्या सहित अन्य कारणों से उन्हें अहमदाबाद में उपचार कराना पड़ा।

ग्रामीणों का आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते रामेश्वरलाल को पूर्व में भी जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं। घटना के बाद पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि दूसरे पक्ष की ओर से भी क्रॉस एफआईआर दर्ज कराई गई।

ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस की ओर से कार्रवाई के बावजूद कुछ आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। पीड़ित परिवार की ओर से मेडिकल जांच एवं उपचार संबंधी दस्तावेज पुलिस अधीक्षक के समक्ष प्रस्तुत कर मामले में निष्पक्ष जांच तथा सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।

ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे।

पुलिस में दर्ज प्रकरण और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।