खजुरी-बाकरा मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे, शिकायतों के बाद भी नहीं हुई मरम्मत; ग्रामीणों ने दो ट्रॉली गिट्टी डलवाकर भरा खड्डा
अलकेश पारीक
स्मार्ट हलचल|खजुरी से बाकरा जाने वाली सड़क निर्माण के दो साल भी पूरे नहीं हुए और सड़क जगह-जगह से उखड़कर बदहाल हो गई। पांच साल की गारंटी वाली सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग को शिकायत करने के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं करवाई गई। आखिरकार विभाग की अनदेखी से परेशान ग्रामीणों ने रविवार को खुद ही सड़क की कमान संभाल ली।
उरना में बड़ा गड्ढा बना हादसे का खतरा
उरना गांव में सड़क पर बना बड़ा गड्ढा वाहन चालकों के लिए लगातार खतरा बना हुआ था। ग्रामीणों की पहल पर प्रधानाचार्य धर्मचंद मीणा एवं जीएसएस अध्यक्ष रामकुवार मीणा ने गड्ढा भरने के लिए दो ट्रॉली गिट्टी डलवाई। इसके बाद जेसीबी की सहायता से सड़क किनारे उगे बबूल हटवाकर रास्ते को भी सुगम करवाया गया। ग्रामीणों की इस पहल से फिलहाल गड्ढे के कारण होने वाले हादसों से राहत मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण बोले- गारंटी के बावजूद मरम्मत नहीं
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान पांच साल की गारंटी दी गई थी। ऐसे में सड़क के क्षतिग्रस्त होने पर समय रहते मरम्मत करवाना विभाग की जिम्मेदारी है। लेकिन शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों को खुद आगे आना पड़ा।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से खजुरी-बाकरा मार्ग का पूरी तरह निरीक्षण करवाकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की स्थायी और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत करवाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गड्ढे भरने से अस्थायी राहत तो मिल गई, लेकिन सड़क की वास्तविक समस्या का समाधान विभाग को ही करना होगा।
