(शीतल निर्भीक ब्यूरो)
लखनऊ। स्मार्ट हलचल| उत्तर प्रदेश के पड़ोसी देश नेपाल में सोशल मीडिया की एक पोस्ट ने ऐसा माहौल बना दिया कि धनुषा से लेकर बीरगंज तक शांति भंग हो गई और हालात हिंसा में बदल गए। धनुषा पुलिस एसपी रुग्म कुंवर के मुताबिक शुरुआत में दो मुस्लिम युवकों ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें हिंदू समुदाय के पवित्र रक्षा बंधन त्योहार को लेकर नकारात्मक संदेश दिया गया था। वीडियो सामने आते ही स्थानीय युवाओं में नाराजगी फैल गई और गुस्साए युवकों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस स्टेशन का घेराव कर लिया। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए तुरंत दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया और कानूनी कार्रवाई शुरू की, लेकिन इसी दौरान माहौल और बिगड़ गया। युवकों का एक समूह धनुषा के कमला म्युनिसिपैलिटी-6 स्थित सखुवा मारन पहुंचा और वहां मुस्लिम समुदाय की एक मस्जिद पर हमला कर दिया। मस्जिद में तोड़फोड़ की गई और आरोप है कि धार्मिक किताबों को भी जला दिया गया। इस घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में तनाव फैल गया और मुस्लिम समुदाय में भारी आक्रोश देखने को मिला। शनिवार को धनुषा में लोग सड़कों पर उतर आए, टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया गया और नारेबाजी के साथ माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया। धनुषा की इस घटना का असर रविवार को बीरगंज में साफ दिखाई दिया, जहां मस्जिद में तोड़फोड़ और कुरान जलाने के विरोध में प्रदर्शन शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस चेकपॉइंट पर तोड़फोड़ की, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और छपकैया पुलिस स्टेशन में भी जमकर तोड़फोड़ की गई। इस दौरान पुलिस पर पत्थर फेंके गए, जिससे स्थिति बेकाबू होती नजर आई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को सख्ती करनी पड़ी और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पांच राउंड आंसू गैस के गोले छोड़े गए। परसा पुलिस डीएसपी राजू कार्की ने बताया कि पुलिस पर हमले के बाद जवाबी कार्रवाई जरूरी हो गई थी और आंसू गैस के बाद स्थिति कुछ हद तक शांत हुई। हालांकि तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ और रविवार को भी बीरगंज के घंटाघर और छपकैया समेत कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन जारी रहे। प्रदर्शनकारियों ने जनकपुर घटना के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और नारे लगाते हुए कहा कि अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। पुलिस प्रशासन ने पूरे इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर सुरक्षा बढ़ा दी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस ने साफ किया कि पूरे विवाद की जड़ वही सोशल मीडिया वीडियो है, जिस पर समय रहते कार्रवाई की गई थी, लेकिन अफवाहों और भावनाओं की आग ने हालात को और बिगाड़ दिया। फिलहाल प्रशासन लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील कर रहा है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।













