काछोला, 18 जनवरी | कस्बे में आज आस्था और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। अवसर था ‘विराट हिन्दू सम्मेलन’ का। आम्बा की बावड़ी से शुरू हुई भव्य शोभायात्रा और कलश यात्रा ने पूरे कस्बे को केसरिया रंग में रंग दिया। बाग के बालाजी परिसर में आयोजित धर्मसभा में संतों और वक्ताओं ने राष्ट्र निर्माण और सामाजिक एकता का मंत्र दिया।
शक्तिशाली भारत के लिए संगठन जरूरी: स्वामी हंस चैतन्य
मुख्य अतिथि और संत शिरोमणि स्वामी हंस चैतन्य जी महाराज ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि एक शक्तिशाली भारत के निर्माण के लिए समाज का संगठित होना पहली शर्त है। उन्होंने सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए कहा,
“जब ईश्वर ने हममें कोई भेद नहीं किया, तो हम समाज में ऊंच-नीच का भेद करने वाले कौन होते हैं? हमें संगठित होकर राष्ट्र को आगे बढ़ाना होगा।”
सनातन संस्कृति को बचाने का आह्वान
मुख्य वक्ता गणेश प्रजापत ने ‘पंच परिवर्तन’ के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और सनातन संस्कृति के संरक्षण का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सूरत राम गगरानी और महिला वक्ता गीता माहेश्वरी ने भी विचार रखे। गीता माहेश्वरी ने कहा कि मां ही परिवार में संस्कारों का असली केंद्र होती है।
झांकियों ने मोहा मन
शोभायात्रा का दृश्य विहंगम था:
- मातृशक्ति: हजारों महिलाएं एक जैसे पीले वस्त्र धारण कर सिर पर मंगल कलश लिए चल रही थीं।
- सजीव झांकियां: घोड़ों पर सवार बच्चे झांसी की रानी, स्वामी विवेकानंद, महाराणा प्रताप और शिवाजी महाराज के वेश में चल रहे थे।
- अन्य आकर्षण: तेजाजी की शोभत, दुपहिया वाहन रैली और विभिन्न धार्मिक झांकियां।
तस्वीरें: 1. कस्बे में निकली शोभायात्रा में सिर पर कलश धारण किए महिलाएं।
2. धर्मसभा को संबोधित करते संत व अतिथि।
3. शोभायात्रा में आकर्षण का केंद्र रही महापुरुषों की झांकियां।













