90 बसंत पार कर चुकीं प्रेमकंवर व्हीलचेयर पर पहुंचीं बूथ, डाला वोट

पीएसबी कॉलेज के वार्ड 12 मतदान केंद्र पर बुजुर्ग महिला का जज्बा बना मिसाल, बोलीं—‘लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान जरूरी’
पौत्र, पुत्र और पुत्रवधू भी साथ पहुंचे; परिवार ने मतदाताओं से की मतदान की अपील

शाहपुरा | मूलचन्द पेसवानी
स्मार्ट हलचल|शाहपुरा नगर पालिका चुनाव में शुक्रवार को मतदान के दौरान लोकतंत्र की एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने उम्र और शारीरिक परेशानी की सीमाओं को पीछे छोड़ दिया। 90 बसंत पार कर चुकीं प्रेमकंवर यादव ने नरम स्वास्थ्य और अधिक उम्र की परवाह किए बिना व्हीलचेयर पर मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।पीएसबी कॉलेज में बनाए गए वार्ड संख्या 12 के मतदान केंद्र पर जब प्रेमकंवर यादव व्हीलचेयर पर पहुंचीं तो उनका जज्बा आसपास मौजूद लोगों के लिए प्रेरणा बन गया। उम्र के इस पड़ाव पर भी मतदान को लेकर उनका उत्साह देखते ही बन रहा था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदान ही मजबूत राष्ट्र का आधार है और प्रत्येक नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए।
90 की उम्र में भी वोट की ताकत पर भरोसा
प्रेमकंवर यादव ने कहा कि लोकतंत्र में मतदान करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं से मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि आज महिलाएं समाज का आधा हिस्सा हैं, इसलिए महिलाओं को भी मतदान में पूरी भागीदारी निभानी चाहिए।
उनका कहना था कि जब देश और लोकतंत्र ने हमें मतदान का अधिकार दिया है तो इस अधिकार का इस्तेमाल करना भी हमारा कर्तव्य है। इसी सोच के साथ उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बावजूद मतदान केंद्र तक पहुंचने का निर्णय लिया।
व्हीलचेयर पर मतदान केंद्र पहुंचीं प्रेमकंवर ने बिना किसी हिचक के मतदान किया और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी निभाई।
अकेली नहीं, पूरा परिवार साथ पहुंचा
प्रेमकंवर यादव के इस लोकतांत्रिक जज्बे में उनका परिवार भी पूरी तरह साथ रहा। उनके साथ उनके पौत्र अधिवक्ता कुलदीप सिंह यादव, पुत्र स्टांप वेंडर एवं पूर्व पार्षद भगवान सिंह यादव तथा पुत्रवधू शिक्षिका लक्ष्मीकंवर यादव भी मतदान केंद्र पहुंचे।
परिवार के सदस्यों ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। परिवार ने मतदाताओं से अपील की कि वे मतदान को लेकर किसी तरह की उदासीनता नहीं बरतें और अपने परिवार के साथ मतदान केंद्र तक पहुंचें। उन्होंने कहा कि मतदान केवल उम्मीदवार चुनने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि अपने शहर के भविष्य में भागीदारी निभाने का अवसर भी है।
जब 90 साल की उम्र में पहुंच सकती हैं, तो हम क्यों नहीं?
नगर पालिका चुनाव में कई बार मतदाता छोटी-छोटी परेशानियों या व्यस्तता के कारण मतदान केंद्र तक नहीं पहुंचते। ऐसे में प्रेमकंवर यादव का मतदान करना एक बड़ा संदेश दे गया।
90 वर्ष की उम्र में व्हीलचेयर पर बैठकर मतदान केंद्र तक पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि मतदान के लिए उम्र नहीं, इच्छाशक्ति जरूरी है।
जहां युवा और स्वस्थ मतदाता मतदान के लिए अपने समय का इंतजार करते नजर आते हैं, वहीं प्रेमकंवर ने अपनी उम्र और स्वास्थ्य को लोकतांत्रिक जिम्मेदारी के रास्ते में बाधा नहीं बनने दिया।
उनकी मतदान केंद्र तक पहुंचने की तस्वीर ने यही संदेश दिया—
“शरीर थक सकता है, लेकिन लोकतंत्र के प्रति जिम्मेदारी नहीं थकनी चाहिए।”
महिलाओं के लिए भी दिया खास संदेश
प्रेमकंवर यादव ने महिलाओं को मतदान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का संदेश दिया। उनका कहना था कि महिलाओं की आबादी समाज का बड़ा हिस्सा है और लोकतंत्र में उनकी आवाज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि महिलाएं घर-परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के साथ-साथ अपने मताधिकार की जिम्मेदारी भी जरूर निभाएं।
उनकी इस अपील को खास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि स्थानीय निकाय चुनाव सीधे तौर पर शहर की रोजमर्रा की व्यवस्थाओं और नागरिक सुविधाओं से जुड़े होते हैं। नगर की सड़क, सफाई, नाली, पानी, रोशनी और अन्य स्थानीय समस्याओं के लिए चुने जाने वाले प्रतिनिधि की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
परिवार ने भी कहा—साथ चलें, मतदान करें
प्रेमकंवर के पौत्र अधिवक्ता कुलदीप सिंह यादव, पुत्र भगवान सिंह यादव और पुत्रवधू लक्ष्मीकंवर यादव ने भी मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की।
परिवार के साथ मतदान केंद्र पहुंचने का उद्देश्य भी यही रहा कि घर के सभी सदस्य लोकतंत्र के इस पर्व में भागीदारी निभाएं।
परिवार के सदस्यों ने कहा कि मतदान के दिन राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर शांतिपूर्वक अपने मताधिकार का इस्तेमाल करना चाहिए। किसी के दबाव में नहीं, बल्कि अपनी समझ और पसंद के अनुसार मतदान करना चाहिए।
चुनावी शोर से अलग रही यह तस्वीर
शाहपुरा नगर पालिका चुनाव में सुबह से ही विभिन्न वार्डों में प्रत्याशियों और समर्थकों की सक्रियता रही। कहीं मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने की कोशिश हुई तो कहीं बूथों पर समर्थकों की आवाजाही रही।
लेकिन पीएसबी कॉलेज के बूथ पर 90 वर्षीय प्रेमकंवर की व्हीलचेयर वाली तस्वीर चुनावी शोर से कहीं ज्यादा प्रभावी संदेश देती नजर आई।
यह तस्वीर किसी पार्टी या प्रत्याशी के पक्ष में नहीं थी। यह तस्वीर थी लोकतंत्र में नागरिक की भूमिका की।
प्रेमकंवर ने अपने मतदान से यह साबित किया कि चुनाव चाहे विधानसभा का हो, लोकसभा का या नगर पालिका का—मतदान का महत्व हर स्तर पर समान है।
शाहपुरा के मतदाताओं के लिए प्रेरणा बनीं प्रेमकंवर
नगर पालिका चुनाव में मतदाता अपने वार्ड के प्रतिनिधि का चुनाव कर रहे हैं। आने वाले वर्षों में शहर की स्थानीय सरकार किन मुद्दों पर काम करेगी और विकास की दिशा क्या होगी, इसमें चुने गए पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
ऐसे में 90 बसंत पार कर चुकी प्रेमकंवर यादव का मतदान करना खास संदेश देता है।
जिस उम्र में लोग घर से निकलने से बचते हैं, उस उम्र में प्रेमकंवर लोकतंत्र के दरवाजे तक पहुंचीं।
व्हीलचेयर पर बैठकर मतदान केंद्र पहुंचीं और वोट डालकर उन्होंने अपनी जिम्मेदारी पूरी की।
अब उनकी यह तस्वीर उन मतदाताओं के लिए सवाल भी छोड़ती है जो स्वस्थ और सक्षम होने के बावजूद मतदान से दूरी बना लेते हैं—
“जब 90 साल की प्रेमकंवर वोट डाल सकती हैं, तो हम क्यों नहीं?”
एक वोट की ताकत को समझना होगा
मतदान केंद्र पर पहुंचकर प्रेमकंवर यादव ने सिर्फ अपना वोट नहीं डाला, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए एक संदेश भी छोड़ा।
वोट किसी पर एहसान नहीं है।
वोट लोकतंत्र में नागरिक का अधिकार है।
और इस अधिकार का इस्तेमाल करना जिम्मेदारी भी है।
शाहपुरा नगर पालिका चुनाव में अब हजारों मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रत्याशी अपनी जीत के दावे कर रहे हैं, राजनीतिक दल अपने-अपने समीकरण देख रहे हैं और समर्थक मतदान प्रतिशत का गणित लगा रहे हैं।