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व्यवस्था ठप्प:बढ़ती गर्मी में पानी के लिए तरस रही जनता,घर घर वोट मांगते फिर रहे नेता

आए दिन लाइने टूट रही 4 से 5 दिन तक नही होती मरम्मत

आमजन को नही मिल रहा समय पर पानी।

शाहपुरा@(किशन वैष्णव)क्षेत्र में चंबल प्रोजेक्ट परियोजना पूरी तरह ठप्प हो चुकी है चंबल का सिस्टम आमजन तक समय पर और पूरा पानी नही पहुंचा रहा है क्युकी आए दिन खामोर, राज्यास और कनेछन कलां पंप हाउस को जोड़ने वाली पाइप लाइन टूट जाती है जिसकी मरम्मत होने में कर्मचारी 4 से 5 दिन लगा देते हैं इसके साथ ही खामोर बिलिया,सूरजपुरा, सारांश क्षेत्र में 4 से 5 दिन लाइन मरम्मत के व अन्य 2 से 3 दिन सभी गांवों में टंकियों में पानी भरकर रोटेशन जमाने में लगता है फिर दूसरी बार जब तक सप्लाई होती है फिर से लाइन टूट जाती है जैसे मानो लाइन टूटने के दिन फिक्स हो उसी प्रकार चंबल लाइन हर 2 से 4 दिनों में टूटती है ओर पानी सप्लाई की श्रंखला टूट जाती हैं जिससे समय पर आमजन को पानी नही मिल पाता है दो दिन की जगह 5 से 7 दिन में पानी आता है।

बढ़ती गर्मी में पानी के लिए तरस रही जनता।

जैसे जैसे गर्मी बढ़ती जा रही है उसी प्रकार पानी की किल्लत पढ़ती जा रही है जबकि गर्मी में पानी की बढ़ोतरी होनी चाहिए लेकिन चंबल और जलदाय विभाग आमजन की समस्याओं का हल नही निकाल पा रहा है।ग्रामीणों का कहना है की चुनाव सिर पर है हर बार वोट देते हैं नेता बड़े बड़े वादे करते हैं लेकिन हमारी समस्याओं को सुनने वाला कोई नही है आए दिन चंबल की पाइप लाइन टूटती है आमजन को 10 दिन तक पानी नही मिलता पहले तो चंबल लाइन को जोड़ने में 2 से 3 दिन लगा देते हैं फिर पानी क्षेत्र में सप्लाई देते देते 5 दिन और निकाल देते हैं इस प्रकार जलदाय विभाग और चंबल प्रोजेक्ट ठेकेदार की लापरवाई से आमजन त्रस्त है।

चुनाव जीतने के बाद नेता भी नही देते ध्यान,कोन करेगा पानी की समस्या का समाधान।

लोकसभा चुनाव का शेष एक दिन बचा है 26 अप्रैल को मतदान है खामोर सहित आस पास के गांवों में पानी सप्लाई समय पर नही हो रही है वही जिले के कही गांवो में तो मतदान का विरोध हो रहा है पानी नही तो वोट नहीं।खामोर में 7 खेड़े लगते हैं तथा मुख्य गांव में 4 टंकिया है लाइन टूटने के बाद जब सभी टंकियों में पानी भरने में दो से 3 दिन लगता है जब तक फिर से लाइन टूट जाती है रामपुरा,बहकखेड़ा,कल्याणपुरा,भिलो का खेड़ा,रेबारियो की ढाणी सहित ग्राम पंचायत मुख्यालय में जलदाय विभाग और चंबल की हालत खराब है ना अधिकारी ध्यान देते हैं ना कर्मचारी जिससे आमजन को पानी समय पर नही मिल पाता है।

ढाणी और कल्याणपुरा में लाइन डाल रखी,कनेक्शन के 2 हजार रुपए लिए, अभी तक पानी नही।

खामोर ग्राम पंचायत के रामपुरा और बहका खेड़ा के लिए नई टंकी बनाई गई लेकिन अभी तक चालू नही की गई।पानी कभी कभी 10 दिन तक सप्लाई नही होता है चंबल और जलदाय विभाग केवल दिन निकाल रहे है इसकी पानी सप्लाई की व्यवस्था से आमजन खुश नही है।पानी सप्लाई और योजना के नाम पर सिर्फ लीपापोती और आमजन को गुमराह कर रहे हैं।पानी नही आने की शिकायत करने पर अधिकारी लॉलीपॉप लेकर जनता को गुमराह करते हैं या फिर बोलते हैं वॉल ऑपरेटर से बात करो,जब जनता वॉल ऑपरेटर से बात करती है तो वॉल ऑपरेटर अधिकारियों का हवाला देता है और उनसे बात करने को कहता है परेशान होती जनता को जलदाय विभाग ओर चंबल के कर्मचारी और अधिकारी लॉलीपॉप देते रहते हैं लेकिन काम उसी प्रकार धीरे धीरे होता है पानी आने में वही समय लगता है 5 से 10 दिन।मुख्य ग्राम पंचायत में 4 से 5 दिन और अन्य खेड़ा में 7 से 8 दिन उसके बाद लाइन टूटती है तो 10 से 15 दिन लगते हैं।पंचायत मुख्यालय के ढाणी और कल्याणपुरा अभी तक केवल लाइन बिछाई गई,टेस्टिंग भी नही हुई है।

आमजन से 2 हजार की रसीद काटे 1साल से ज्यादा हो गया लेकिन पानी नही पहुंचा।

ग्राम पंचायत क्षेत्र के गांवों में चंबल लाइन बिछाई गई करीब 1 वर्ष पूर्व 2 हजार रुपए की रसीद काट कर नल कनेक्शन दिया गया।लेकिन 1 साल बाद भी अभी तक उन घरों को पानी नही मिल रहा है।आमजन का कहना है की सरकार और जलदाय विभाग अपनी मनमानी से आमजनता के साथ छलावा कर रही है।

सरकार बिल भी नही देती और पानी भी नही देती।

राज्य सरकार ने पानी के बिल माफ कर रखे हैं वर्तमान में पानी बिल नही आते हैं सरकार ने माफ कर रखे हैं तो पानी भी समय पर नही आता है पानी के बिल माफ करके जनता को समय पर पानी नही दिया जा रहा है क्या ये जनता के साथ छलावा किया जा रहा है विभागीय अधिकारी भी जनता के फोन का सही से संतोषप्रद जवाब नही देते जिसके बाद परेशान जनता राजनेताओं की शरण लेते हैं और फिर पानी आता है लेकिन कुछ दिनों बाद फिर वही स्थिति बन जाती है। खामोर क्षेत्र में पानी की मांग ज्यादा है और चंबल द्वारा पानी कम दिया जाता है जिससे आमजन गर्मी में परेशान हैं,चुनाव नजदीक है क्या इस बार पानी की किल्लत को लेकर चुनाव में वोटिंग प्रतिशत में कमी आयेगी।

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