आजाद भारत में देवपुरिया की राह में पानी, बच्चों से लेकर गर्भवती महिलाओं तक की परेशानी

4 किमी का रास्ता पानी में डूबा, सड़क तक पहुंचने के लिए गर्भवती महिलाओं को भी उठाकर लाना पड़ता है—मुख्य बाजार काछोला जाने का भी यही रास्ता

( रमेश चन्द डाड)

आकोला | स्मार्ट हलचल|ग्राम पंचायत सरथला में शामिल हुए देवपुरिया गांव के ग्रामीणों के लिए बारिश राहत के बजाय परेशानी लेकर आई है। गांव से स्कूल एवं मुख्य सड़क तक जाने वाला करीब 4 किलोमीटर का सीधा रास्ता पानी से भरा हुआ है। इसी रास्ते से रोजाना 10 से 15 बच्चे स्कूल आने-जाने को मजबूर हैं। पानी अधिक होने पर बच्चों को करीब 10 किलोमीटर का चक्कर लगाकर स्कूल पहुंचना पड़ता है।

समस्या सिर्फ स्कूली बच्चों तक सीमित नहीं है। गर्भवती महिलाओं और मरीजों को भी बारिश के दौरान भारी परेशानी उठानी पड़ती है। गांव तक वाहन नहीं पहुंच पाने के कारण गर्भवती महिला को करीब 4 किलोमीटर दूर सड़क तक लाना पड़ता है, इसके बाद ही वाहन से अस्पताल ले जाना संभव हो पाता है। आपात स्थिति में यह परेशानी गंभीर रूप ले सकती है।

देवपुरिया से मुख्य बाजार काछोला जाने का भी यही प्रमुख रास्ता है। बारिश में रास्ता पानी में डूबने से ग्रामीणों का बाजार, स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी सेवाओं से संपर्क प्रभावित हो जाता है।

जीएसएस अध्यक्ष राधेश्याम कंजर का कहना है कि देवपुरिया गांव पंचायत में जुड़ गया, लेकिन सड़क की समस्या जस की तस बनी हुई है। बच्चों की पढ़ाई, गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा और ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरतों को देखते हुए इस समस्या का तत्काल समाधान जरूरी है।

अधिकारी मौके पर पहुंचकर देखें हालात

ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों से तत्काल मौके का निरीक्षण कर पानी की निकासी, रास्ते को ऊंचा करने और स्थायी सड़क निर्माण की दिशा में कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल रास्ते की समस्या नहीं, बल्कि बच्चों की शिक्षा और गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है।