कोटड़ी श्याम के दरबार में जलझूलन महोत्सव की धूम

भक्तों ने कांवड़ यात्रा का किया भव्य स्वागत, 25 किमी की दूरी 21 घंटे में तय कर पहुंची कांवड़ यात्रा
राजेन्द्र बबलू पोखरना
कोटड़ी
स्मार्ट हलचल|मेवाड़ के ऐतिहासिक धाम श्री चारभुजानाथ मंदिर में चल रहे जलझूलन महोत्सव के तहत शुक्रवार को धार्मिक आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। त्रिवेणी संगम से 108 कांवड़ों में पवित्र जल भरकर निकली कांवड़ यात्रा करीब 25 किलोमीटर की दूरी 21 घंटे में तय कर कोटड़ी पहुंची। कांवड़ियों का जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
किशनगढ़ में रात्रि विश्राम के बाद कांवड़ यात्रा सुबह पुनः रवाना हुई। यात्रा गोगास, गोराकाखेड़ा, देवरिया होते हुए पुरोहितजी का खेड़ा पहुंची। यहां से कांवड़िए भजन-कीर्तन करते हुए कोटड़ी में प्रवेश किए। बैंड-बाजों और डीजे की धार्मिक धुनों के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा के साथ चल रहे थे। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने विभिन्न मंदिरों में दर्शन किए। बालाजी, चावंडा माता, देवनारायण, हनुमानजी, जैन मंदिर, राम मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर भगवान चारभुजानाथ के साथ सामूहिक आरती की गई। मंदिर परिसर में पहुंचने पर कांवड़ियों का श्रद्धालुओं ने शंखनाद एवं जयकारों के साथ भव्य स्वागत किया। कांवड़ियों के चरण धोकर सम्मान किया गया तथा इसके बाद पवित्र जल को पात्र में संग्रहित किया गया। यह पवित्र जल जलझूलन एकादशी के अवसर पर भगवान चारभुजानाथ के दुग्धाभिषेक में उपयोग किया जाएगा।
आज विशाल छप्पन भोग व धार्मिक आयोजन
जलझूलन महोत्सव के तहत शनिवार को विशाल छप्पन भोग का आयोजन होगा। भगवान की विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक एवं हवन के बाद दोपहर 12.15 बजे भगवान को छप्पन भोग अर्पित कर आरती की जाएगी। इसके बाद श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ आकर्षक झांकी सजाई जाएगी। दिनभर भजन कीर्तन एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
रात्रि 8 बजे स्थानीय विद्यालयों के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। महोत्सव को लेकर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है।
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