खखरेरू/स्मार्ट हलचल|फतेहपुर लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने साधन सहकारी समिति पौली की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। समिति परिसर में जलभराव होने से गोदाम में रखी लगभग 180 बोरी उर्वरक पानी में डूब गईं। इनमें करीब 70 बोरी डीएपी और 110 बोरी यूरिया शामिल हैं। घटना से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।क्षेत्र में किसान पहले से ही खाद की किल्लत से जूझ रहे हैं। सुबह से शाम तक लाइन में लगने के बावजूद उन्हें समय पर उर्वरक नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में समिति में रखी सैकड़ों बोरियों का पानी में डूब जाना किसानों और विभाग दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
बताया जाता है कि साधन सहकारी समिति पौली के सामने स्थित मैदान में हल्की बारिश के दौरान भी जलभराव की समस्या बनी रहती है। गुरुवार को हुई मूसलाधार बारिश के कारण पानी समिति परिसर और गोदाम के अंदर तक पहुंच गया, जिससे वहां रखा उर्वरक पूरी तरह पानी में डूब गया।
समिति के सचिव मानसिंह ने बताया कि जलभराव रोकने के लिए उन्होंने अपने स्तर से सामने के मैदान में मिट्टी डलवाकर पानी की निकासी का प्रयास कराया था। इसके बावजूद लगातार तेज बारिश के कारण गोदाम में पानी भर गया और लगभग 70 बोरी डीएपी तथा 110 बोरी यूरिया पानी में डूब गई।
सचिव का कहना है कि समिति की जर्जर इमारत तथा परिसर में जलभराव की समस्या के संबंध में उच्च अधिकारियों को पहले ही अवगत कराया जा चुका था, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि अधिकारियों की उदासीनता के कारण करीब 180 बोरी उर्वरक खराब हो गई।
घटना के बाद किसानों में भी नाराजगी है। उनका कहना है कि एक ओर उन्हें पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, वहीं दूसरी ओर लापरवाही के चलते सरकारी उर्वरक बर्बाद हो रहा है। किसानों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा समिति में जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है।
