शादी की खुशियां बदलीं गम में: मिलावटी भोजन से 52 मेहमान बीमार-शादी समारोह में मचा हड़कंप,

उपचार के बाद राहत-42 नैनवा व 10 टोंक अस्पताल में हुए भर्ती-स्वस्थ होने पर सभी को छुट्टी

 खाद्य सुरक्षा व चिकित्सा विभाग सक्रिय: सैंपल लिए-प्रभावित घरों में पीने के पानी व खाद्य सामग्री की गहन जांच

शिवराज बारवाल मीना
टोंक/उनियारा। स्मार्ट हलचल|उनियारा सर्किल क्षेत्र की ग्राम पंचायत कचरावता में आयोजित एक शादी समारोह उस समय अफरा-तफरी में बदल गया, जब भोजन करने के बाद अचानक बड़ी संख्या में मेहमानों की तबीयत बिगड़ गई। बुधवार 29 अप्रैल को राजेश बैरवा की पुत्री के विवाह समारोह में शामिल बारातियों और मेहमानों ने जैसे ही खाना खाया, कुछ ही देर में कई लोग उल्टी, दस्त, पेट दर्द और चक्कर की शिकायत से पीड़ित हो गए। देखते ही देखते दुल्हन सहित 52 लोग बीमार पड़ गए, जिससे पूरे समारोह में हड़कंप मच गया और खुशियों का माहौल चिंता में बदल गया। स्थिति बिगड़ती देख परिजनों और ग्रामीणों ने तुरंत व्यवस्था संभाली और आनन-फानन में बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाया। इनमें से 42 लोगों को नैनवा उप जिला चिकित्सालय तथा 10 लोगों को टोंक के जिला सआदत अस्पताल में भर्ती कराया गया।अस्पतालों में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से चिकित्साकर्मियों में भी हलचल रही, लेकिन समय पर उपचार मिलने से सभी मरीजों की हालत में सुधार हुआ और बाद में उन्हें छुट्टी दे दी गई। घटना की सूचना मिलते ही चिकित्सा विभाग सक्रिय हो गया।बीसीएमओ उनियारा डॉ. मनीष लोधी के नेतृत्व में गुरूवार शाम को स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम में ब्लॉक स्वास्थ्य पर्यवेक्षक रामहंस गुर्जर, नर्सिंग स्टाफ पूरणमल शर्मा, लैब टेक्नीशियन, स्वास्थ्य कार्यकर्ता मनभर देवी और संजू रेगर सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे। टीम ने प्रभावित परिवारों और आसपास के घरों का सर्वे किया तथा संभावित अन्य मरीजों की पहचान कर आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराईं। साथ ही एहतियात के तौर पर लोगों को साफ-सफाई और सुरक्षित खानपान के प्रति जागरूक भी किया गया। पीएचसी पलाई से डॉ. सुमन मीना भी लगातार क्षेत्र में उपस्थित रहकर निगरानी कर रहे हैं। इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग भी हरकत में आया। जयपुर से खाद्य सुरक्षा अधिकारी केशरी लाल शर्मा के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची और विवाह समारोह में परोसे गए खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए। जांच के लिए भेजे गए सैंपलों में मिठाइयां, काजू कतली, गुलाब जामुन, रसगुल्ला के साथ काजू-बादाम एवं अन्य खाद्य सामग्री शामिल है। इसके साथ ही टीम ने प्रभावित परिवारों के घरों में जाकर पीने के पानी, बचे हुए भोजन और अन्य उपयोग में ली गई सामग्री के नमूने भी एकत्रित किए, ताकि बीमारी के वास्तविक कारणों का सटीक पता लगाया जा सके। सभी नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि शादी में उपयोग की गई खाद्य सामग्री नैनवां के एक दुकानदार से खरीदी गई थी।हैरानी की बात यह रही कि संबंधित दुकानदार द्वारा किसी प्रकार का बिल या खरीद का प्रमाण उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे संदेह और गहरा गया है। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
*ग्रामीणों में आक्रोश-सख्त निगरानी की मांग*
घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन समय-समय पर खाद्य पदार्थ बेचने वाले दुकानदारों, ढाबों, होटलों और जूस सेंटरों की नियमित जांच करता रहे, तो इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सकता है। विशेष रूप से गर्मी के मौसम में खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थों, मिठाइयों, खरबूजे-तरबूज और जूस की गुणवत्ता की जांच बेहद जरूरी बताई गई है।
*टीम की भनक से बाजार में सन्नाटा*
खाद्य सुरक्षा टीम के पहुंचने की सूचना मिलते ही उनियारा कस्बे में कई दुकानदारों में हड़कंप मच गया। कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर इधर-उधर होते नजर आए, जिससे क्षेत्र में मिलावटखोरी की आशंका और गहराती दिखी। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि सख्त कार्रवाई की जाए, तो मिलावटी खाद्य पदार्थों के कारोबार पर अंकुश लगाया जा सकता है।
फिलहाल पूरे मामले में अब सभी की निगाहें लैब रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भोजन में किस प्रकार की मिलावट या लापरवाही हुई थी और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।