किसकी बनेगी सरकार मतदान हुआ उत्साह के साथ सम्पन्न फैसला आने का होने लगा इंतजार

मंत्री नागर व पूर्व पालिकाध्यक्ष देवकीनंदन राठौर दोनों चुनाव को लेकर आपसी गम्भीरता से चर्चा करते

35 वार्डो में 83.23 प्रतिशत हुआ मतदान

बी एम राठौर
न्यूज
स्मार्ट हलचल|सांगोद 9 सितम्बर को सांगोद नगर की सरकार चुनने के लिए बुधवार को मतदाताओं में अच्छा खासा उत्साह देखने को मिला,यहां बनाएं गए मतदान केन्द्रों पर सुबह 7 बजे मतदान शुरू हो गया था,सुबह के वक्त मतदाताओं की कतारे कम देखने को मिली,ज्यो ज्यो धूप कि किरणे फैॅलने लगी मतदाताओं का उत्साह परवान चढता रहा।इस बार युवाओं से लेकर प्रोढ तक के उत्साह के बीच मतदान किया।समदपीर के चौक में रहने वाली 110 वर्षीय आलिया बेगम ट्राईसाइकिल पर मतदान करने पहुंची,शतायु पार इस वृद्व महिला ने पहले मतदान किया इसके बाद भोजन करने की परिवारजनों से इच्छा जताई।इस कारण बेटा व अन्य परिजन उसे पहले पीएम श्री राउमावि सांगोद में स्थित मतदान केन्द्र पर वोट डलवाने के लिए लाएं,इसके अलावा कोई बैसाखियों के सहारे तो कोई परिजनों के कंधों की मदद से मतदान स्थल तक आया।ये सिलसिला दिनभर चलता रहा।दस बजे बाद मतदान का प्रतिशत बढा,मतदान केन्द्रों पर अच्छी खासी भीड देखने को मिली,इस बारा पीएम श्री राउमावि सांगोद में सर्वाधिक 5 मतदान केन्द्र एक साथ बनाएं गए,इस कारण यहां अधिक भीडभाड देखने कोमिली,मतदान केन्द्र से दूर भाजपा,कांग्रेस व निर्दलीय के प्रत्याशियों के टेबिले लगाकर बैठने से पर्चिया बनाने का काम किया गया।
नगर की सरकार चुनने के लिए बुधवार को यहां हुए मतदान केन्द्रों पर कडी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान शुरू हुआ,कुल 35 मतदान केन्द्रों में से 25 संवेदनशील घोषित किए गए थे,यहां पर एक भी अतिसंवेदनशील मतदान केन्द्र नहीं है,कुल मतदाताओं की संख्या 23 हजार 3 सौ 14 है,इनमें से मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग सांगोद की सरकार चुनने के लिए किया।मतदान केन्द्रों पर कानून व्यवस्था परखने के लिए 5 सेक्टर अधिकारी नियुक्त किए गए,जो दिनभर मतदान केन्द्रों पर व्यवस्थाऐं देखते रहे।पीएम श्री राउमावि सांगोद में कमरा नं 4में वार्ड संख्या 33 के लिए बने मतदान केन्द्र पर मतदान के दौरान एक अजीबोगरीब चूक देखने को मिली,यहां एक मतदाता ईवीएम मशीन तक पहुंचा लेकिन बिना बटन दबाएं वहां से बाहर निकल गया,मत डलने से पहले वह अनभिज्ञता के चलते बाहर आ गया,एक मत का डिफरेंस आने पर तुरंत बीएलओं को मतदान कर्मियों ने बुलाया तथा बिना वोट दिए निकले व्यक्ति की पहचान करके उसे वापस वोट डालने के लिए बुलाया गया ।इसके बाद पैदा हुआ गतिरोध दूर हो सका।