शिवराज बारवाल मीना
टोंक/उनियारा। टोंक जिले के उनियारा उपखंड क्षेत्र में अलीगढ़ वन विभाग रेंज अंतर्गत ग्राम पंचायत खोहल्या के बरूधन गांव में शनिवार-रविवार मध्य रात्रि को अज्ञात जंगली जानवर ने एक भेड़ पालक के बाड़े में घुसकर खूनी हमला कर दिया।पीड़ित रामकल्याण गुर्जर निवासी बरूधन की कुल 26 भेड़ जो मकान के समीप ही बाड़े में बंद थी, इसी दौरान शनिवार रविवार मध्य रात्रि को अज्ञात जंगली जानवर ने 18 पर खूनी हमला कर दिया, जिनमें 10 भेड़ों की मौके पर मौत हो गई और 8 भेड़ें गंभीर रूप से घायल हो गईं। प्रारंभिक आंकलन के अनुसार पीड़ित को करीब दो लाख रूपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
——- सुबह खुला खौफनाक मंजर-परिवार में पसरा मातम ——-
जानकारी के अनुसार भेड़ें शनिवार की रात में बाड़े में बंद थीं। रविवार सुबह जब रामकल्याण गुर्जर पशुओं को संभालने पहुंचे तो पूरे बाड़े में मृत और तड़पती भेड़ों को देखकर उनके होश उड़ गए। कुछ भेड़ें गंभीर रूप से जख्मी हालत में पड़ी थीं। इस दृश्य को देखकर परिवार में मातम पसर गया और गांव में सनसनी फैल गई।
——– ग्रामीणों का आरोप-“पहले से थी आशंका, नहीं हुई वन विभाग की गश्त” ——-
ग्रामीणों ने रविवार सुबह वन विभाग अलीगढ़ रेंज को सूचना दी। सूचना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मृत व घायल भेड़ों का मौका मुआयना कर जंगली जानवर के पदचिह्नों के आधार पर पहचान का प्रयास किया। हालांकि ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी साफ नजर आई। उनका कहना है कि क्षेत्र में पहले भी जंगली जानवरों की गतिविधि की आशंका जताई गई थी, लेकिन नियमित गश्त और निगरानी नहीं बढ़ाई गई।
——– पशुपालन विभाग ने किया उपचार ——–
घटना की सूचना मिलते ही पशुपालन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और घायल सहित गम्भीर तड़पती भेड़ों का प्राथमिक उपचार किया। जहां कुछ भेड़ों की हालत नाज़ुक बताई जा रही थी। वहीं पीड़ित किसान एवं ग्रामीणों ने मृत एवं घायल भेड़ों के लिए शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि पशुधन ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है और इस प्रकार की घटनाएं उन्हें आर्थिक रूप से तोड़ देती हैं।
——- दहशत में गांव-रातभर पहरा ——-
हमले के बाद गांव में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से रात में जागकर पशुओं की सुरक्षा के लिए पहरा देना शुरू कर दिया है। महिलाएं और बच्चे भी भयभीत हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक जंगली जानवर की पहचान कर उसे पकड़ा नहीं जाता, खतरा बना रहेगा।
——- प्रशासन के सामने बड़े सवाल ——
* क्या वन विभाग क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाएगा?
* क्या कैमरा ट्रैप लगाए जाएंगे?
* क्या पीड़ित को त्वरित मुआवजा मिलेगा?
यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ सकता है।
——– मुख्य बिंदु एक नजर में ——-
* 18 भेड़ों पर अज्ञात जंगली जानवर का हमला
* 10 की मौत, 8 गंभीर रूप से घायल
* करीब 2 लाख रुपये का अनुमानित नुकसान
* वन एवं पशुपालन विभाग ने किया मौका मुआयना
* ग्रामीणों में दहशत, मुआवजे और गश्त बढ़ाने की मांग।










