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भीलवाड़ा एवं कोटा की महिला उद्यमियों ने आपसी समन्वय एवं व्यवसाय विकास पर किया मंथन

 (पंकज पोरवाल)

भीलवाडा।स्मार्ट हलचल|जीतो भीलवाड़ा चैप्टर लेडिज विंग ने संस्था के जेबीएन के अन्तर्गत ‘स्वंय प्रोजेक्ट’ के तहत कोटा का दौरा किया। इस दौरान कोटा विंग के पदाधिकारियों के साथ विभिन्न विषयों पर संवाद के साथ टेक्सटाइल वर्कशॉप एवं बिजनेस प्रोजेक्ट के बारे में भी विस्तार से जानकारी मिली। जीतो भीलवाड़ा लेडिज विंग की ओर से कोटा में विशेष बिजनेस नेटवर्किंग मीट का आयोजन किया गया। प्रतिभागी सदस्यों ने टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े विभिन्न पहलूओं, कार्यशैली एवं नवाचारों के बारे में जानकारी प्राप्त की। सदस्यों ने नए बिजनेस प्रोजेक्टस के बारे में जानने समझने के साथ आपसी सहयोग एवं समन्वय की संभावनाओं पर भी विचारों का आदान प्रदान किया। इस मौके पर कोटा की प्रसिद्ध टेक्सटाइल कोटा साड़ी पर वर्कशॉप एवं उनकी कार्यप्रणाली को विस्तार से समझने का अवसर मिला। लेडिज बिजनेस मीट के माध्यम से भीलवाड़ा एवं कोटा विंग की सदस्यों ने विचारों को साझा करने के साथ एक दूसरे के यहां किए जा रहे नवाचारों के बारे में भी जानकारी ली। बिजनेस विस्तार एवं विकास से जुड़ी समस्याओं का समाधान किस तरह हो सकता इस बारे में भी अनुभव शेयर किए गए। भीलवाड़ा जीतो लेडिज विंग चेयरपर्सन नीता बाबेल ने बताया कि ये बिजनेस मीट व्यवसायिक दृष्टि से सफल रहने के साथ महिला उद्यमियों के बीच आपसी सहयोग, सशक्तिकरण का भी सशक्त मंच बनी। इस कार्यशाला से आपसी नेटवर्किंग को बढ़ावा मिलने के साथ आत्मविश्वास निर्माण एवं आपसी सहयोग की भावना भी सशक्त होगी। दोनों विंग की सदस्यों के मध्य बेहतर तालमेल एवं भ्रातत्व भाव स्थापित होने के साथ नए बाजार, अवसरों एवं उद्यमिता से जुड़ी प्रेरणा एवं अनुभवों का भी लाभ परस्पर मिलेगा। इस अवसर पर जीतो भीलवाड़ा चैप्टर लेडिज विंग की चेयरपर्सन नीता बाबेल, पलक भड़कत्या, मोनिका रांका, लाड़ मेहता, दीपा सिसोदिया आदि एवं कोटा लेडिज विंग से चेयरपर्सन मंजू लुंकड, चित्रा बागरेचा, सुमन मुणोत, मीना जैन, उषा बागरेचा,रेणू जैन आदि की सक्रिय सहभागिता रही। इनके साथ जीतो भीलवाड़ा एवं कोटा चैप्टर लेडिज विंग की कई अन्य सदस्यों ने सहभागिता कर आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। भीलवाड़ा लेडिज विंग की सदस्यों ने कोटा दौरे में वहां के जैन तीर्थों का भ्रमण करने का भी लाभ लिया। इससे आध्यात्मिक जुड़ाव के साथ आपसी एकता एवं समन्वय की भावना को भी मजबूती प्राप्त हुई।

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