भवानीमंडी में बढ़ रहा है नेत्रदान का कारवां, 160 वां व 161 वा नेत्रदान
रणवीर सिंह चौहान
स्मार्ट हलचल/भवानीमंडी में नेत्रदान के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है और रविवार को ऐसा ही हुआ जब महज आधे घंटे में संपन्न हुए दो जोड़ी नेत्रदान से चार लोगों को नई नेत्रज्योति मिलेगी। जहां 3 महीने में पिता रामगोपाल पालीवाल के बाद माता रामकन्या बाई की मृत्यु होने पर पुत्र योगेश पालीवाल के द्वारा उनका भी नेत्रदान करवा कर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया गया। वही तीन पुत्रीयों ने अपने माता के नेत्रदान का निर्णय लेकर उनकी ज्योति को अमर किया।
भारत विकास परिषद के नेत्रदान प्रभारी एवं शाइन इंडिया फाउंडेशन के नगर संयोजक कमलेश गुप्ता दलाल ने बताया कि रविवार सुबह योगेश पालीवाल की माता रामकन्या बाई पालीवाल को स्वास्थ्य समस्या हुई एवं राजकीय चिकित्सालय ले जाने पर वहीं पर उनका निधन हो गया, नेत्रदान के प्रति परिवार पहले से ही जागरुक है, ऐसे में पुत्र योगेश के द्वारा माता के नेत्रदान का निर्णय लिया गया एवं पुरुषोत्तम पालीवाल और संजय पालीवाल की सूचना पर शाइन इंडिया फाउंडेशन की टीम ने ज्योति-रथ से भवानीमंडी पहुंचकर दोपहर 2 बजे नेत्रदान प्रक्रिया संपन्न करके कोर्निया प्राप्त किया। नेत्रदान प्रक्रिया में गोविंद गुप्ता एवं राजेश गोटावाला ने सहयोग किया। जिस समय रामकन्या बाई की नेत्रदान प्रक्रिया संचालित हो रही थी उसी समय पड़ोस में महिला कमलाबाई चौहान का देहांत होने पर उपस्थित बेटियां पायल, प्रतिष्ठा एवं मोना तथा दामाद राजेश शर्मा ने माता के नेत्रदान के लिए स्वयं निवेदन किया, चूकि नेत्र उत्तसरण टीम के पास कोर्निया संकलन के दो किट थे, ऐसे में महज आधे घंटे में दूसरा नेत्रदान भी हो गया।
शाइन इंडिया फाउंडेशन के डॉ कुलवंत गौड़ के अनुसार दोनों नेत्रदान से प्राप्त कॉर्निया उत्तम गुणवत्ता के पाए गए है, जिनको आई बैंक जयपुर भेज दिया गया है जहां पर प्रत्यारोपित होकर यह चार लोगों को नई रोशनी प्रदान करेंगे।
नेत्रदान प्रभारी कमलेश गुप्ता दलाल के अनुसार शाइन इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से यह भवानीमंडी से 160 वां एवं 161 वां नेत्रदान प्राप्त हुआ है।
