अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर श्रमिकों के साथ मनाया गया जागरूकता कार्यक्रम

मुकेश गुर्जर

गंगापुर।स्मार्ट हलचल|मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत कार्यरत श्रमिकों के साथ अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन सुंडा खेड़ा के पास किया गया। यह कार्यक्रम आरयूआईडीपी के सामुदायिक जागरूकता एवं जनसहभागिता अभियान के तहत आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रमिकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत आरयूआईडीपी-सीएपी की सहायक सामाजिक विकास अधिकारी रेखा खटीक द्वारा श्रमिक दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए की गई। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य श्रमिकों के संघर्ष, उनके बलिदान और समाज निर्माण में उनके योगदान को याद करना है। उन्होंने श्रमिकों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और कार्यस्थल पर सुरक्षा के महत्व की भी जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2026 के श्रमिक दिवस की प्रमुख थीम पर भी चर्चा की गई, जिसमें महिला कामगारों के सशक्तिकरण, कार्यस्थलों पर समान अवसर और मानसिक स्वास्थ्य व मनोसामाजिक वातावरण को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि श्रमिकों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां सुनिश्चित करना समाज और सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर श्रमिकों को बताया गया कि श्रम ही जीवन का आधार है, जिसके बिना किसी भी राष्ट्र की प्रगति संभव नहीं है। श्रम व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाता है और समाज को समृद्धि की ओर अग्रसर करता है। श्रम को पूजा के समान मानते हुए सभी को अपने कार्य के प्रति ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करना चाहिए।
कार्यक्रम में श्रमिकों के योगदान को सराहा गया और उन्हें जागरूक रहने, अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा सुरक्षित कार्य पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। अंत में सभी श्रमिकों ने मिलकर श्रमिक दिवस की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया।