ओम जैन
शंभूपुरा।स्मार्ट हलचल|चित्तोड़गढ़ जिले के निम्बाहेड़ा हाइवे पर स्थित ओछ्ड़ी टोल प्लाजा उस समय सुर्खियों में आ गया जब उज्जैन से आये सन्तो की गाड़ियां अपने गुरु की पार्थिव देह लेकर गुजर रहे थे, टोल की बात पर उन्होंने सन्त महात्मा होकर गाड़ी में पार्थिव देह ले जाना बताया इसके बावजूद टोल कर्मियों ओर स्टाफ सन्तो के साथ गाली गलौज करते हुए उनके साथ अभद्रता पर उतारू हो गए, जिस पर एकाएक माहौल गरमा गया, फिर जब बड़ी संख्या में लोग आए तो टोलकर्मी माने ओर सन्तो को वहां से जाने दिया।
जानकारी के अनुसार उज्जैन शिप्रा नदी के किराने चक्रतीर्थ पर निवासरत विश्वप्रसिद्ध योगी बम बम नाथ जी महाराज का निधन हो गया, रविवार को उनके पार्थिव देह को आसींद शम्भूगढ़ क्षेत्र में स्थित बरसनी आश्रम में समाधि हेतु लेकर जा रहे थे, जब उनकी गाड़ी ओछ्ड़ी टोल पहुंची तो टोल कर्मी रोज की भांति सन्तो से भी उलझ गए और उनके साथ गाली गलौज कर अभद्रता करने लगे, यह देख अन्य सन्त ओर आसपास के कई लोग मौके पर दौड़ पड़े जिसके बाद कुछ टोलकर्मी मौका देख भाग गए तो कुछ ने फिर सन्तो को जाने से नही रोका ओर जाने के बेरिकेड्स भी खोल दिये, एकाएक माहौल गरमा गया था।
कोन थे बाबा बम बम नाथ
दरअसल उज्जैन शिप्रा नदी के किनारे चक्रतीर्थ पर रहने वाले नागा बाबा बमबम नाथ विश्वप्रसिद्ध हैं। उनके तन पर पूरे कपड़े भी नहीं रहते। वह कभी श्मशान में धूनी रमाए दिखते तो कभी क्षिप्रा तट पर तपस्या में लीन बैठे रहते हैं। बाबा बमबमनाथ ऐसे ही अघोरी बाबा हैं, जिनका कोई ठौर-ठिकाना ही नहीं है। इसके बावजूद बाबा बमबमनाथ ही हैं जो पिछले करीब 20 साल से महाकाल की सवारी का पूरा खर्च उठाते हैं। महाकाल की नगरी में लोग उन्हें इसी रूप में जानते हैं। पिछले 20 सालों से लगातार बाबा महाकाल का तप कर रहे हैं, ओर प्रतिदिन भस्म आरती में शामिल होते रहे है।
योगी आदित्यनाथ को अपना गुरु भाई मानते
यही नहीं बाबा बमबम नाथ, नाथ संप्रदाय से अपना नाता रखते है। इसी वजह से योगी आदित्यनाथ को अपना गुरु भाई मानते हैं क्योंकि वह भी नाथ संप्रदाय से ही हैं।
कई सालों से उठा रहे शाही सवारी का खर्च
बाबा बमबम नाथ पिछले करीब 20 सालों से भगवान महाकाल की शाही सवारी का पूरा खर्च उठा रहे हैं। ऐसा बताया जाता है कि वे अब तक सावन और भादो मास में निकलने वाली इन सवारियों पर करोड़ों रुपए खर्च कर चुके हैं। जब उनसे रुपयों के बारे में पूछा जाता है तो वह बताते हैं कि सब बाबा महाकाल की माया है। इसके अलावा बाबा बमबम नाथ महाकाल के भक्तों की सहायता के लिए सदा तत्पर रहते हैं। कावड़ यात्रा में भी वे हर साल योगदान देते हैं। कावड़ यात्रियों के आने-जाने रहने और खाने-पीने की आदि व्यवस्थाओं में बाबा काफी मदद करते हैं।
ओछ्ड़ी टोल का हमेशा रहा विवादों से नाता
ओछ्ड़ी टोल का यह पहला मामला नही, यह टोल शुरू से ही विवादों से जुड़ा रहा यहाँ आये दिन टोल कर्मियो द्वारा अभद्रता एव लड़ाई झगड़े की आम बात है, टोल के आसपास गांवों में रहने वाले लोकल से भी टोल वसूली के चलते यहां आये दिन ऐसे मामले देखने को मिलते रहे है, लेकिन इस ओर प्रसासन ओर एनएचएआई द्वारा कोई कार्यवाही नही करना भी बड़ा दुःखद विषय बना हुआ है।













