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योगी को पीएम चेहरा बनाने पर ही भाजपा को समर्थन, नहीं तो नोटा का विकल्प: ओकेन्द्र सिंह राणा

पुनित चपलोत

भीलवाड़ा। क्षत्रिय करणी सेना के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष ओकेन्द्र सिंह राणा ने भाजपा को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि आगामी चुनावों में यदि योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री पद के लिए आगे लाया जाता है, तभी क्षत्रिय समाज भाजपा को समर्थन देगा, अन्यथा समाज नोटा का उपयोग करेगा।

ओकेन्द्र सिंह राणा रविवार को एक दिवसीय दौरे पर भीलवाड़ा पहुंचे। यहां उन्होंने करणी सेना द्वारा आयोजित राणा सांगा प्रीमियर क्रिकेट प्रतियोगिता में शिरकत कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उनके आगमन पर कार्यकर्ताओं और समाजजनों ने जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम के बाद निजी रिसोर्ट में आयोजित प्रेस वार्ता में राणा ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखे आरोप लगाए और भविष्य की राजनीति को लेकर खुलकर अपनी बात रखी।

यूजीसी कानून को लेकर राणा ने कहा कि यह व्यवस्था समाज में दूरी बढ़ाने वाली है। पहले एकता की बात होती थी, लेकिन अब समाज को बांटने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति समाज और क्षत्रिय समाज के बीच लंबे समय से भाईचारा रहा है और कठिन समय में दोनों ने एक-दूसरे का साथ दिया है। नए कानूनों के जरिए समाजों के बीच अविश्वास पैदा करना उचित नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि कठोर प्रावधानों के दुरुपयोग से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो सकता है।

शंकराचार्य से जुड़े सवाल पर राणा ने कहा कि सनातन परंपरा में गुरुजनों, संतों और विद्वानों का सम्मान सर्वोपरि है। किसी भी संत के साथ अनुचित व्यवहार निंदनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अलग-अलग समाज अपनी बात रखने के लिए बैठक कर सकते हैं, यह उनका लोकतांत्रिक अधिकार है, इसे जातिवाद से जोड़ना गलत है।

कांग्रेस के समर्थन को लेकर पूछे गए सवाल पर राणा ने साफ कहा कि उनका समाज कांग्रेस के साथ नहीं जाएगा। उन्होंने दोहराया कि यदि भाजपा नेतृत्व में बदलाव कर योगी आदित्यनाथ को आगे लाया जाता है तो समर्थन पर विचार होगा, अन्यथा समाज के पास मतपत्र पर “किसी को न चुनने” यानी नोटा का विकल्प मौजूद रहेगा।

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