2 साल से कान दर्द से तड़प रहा था 7 साल का इंद्रजीत:निजी अस्पतालों में चलता रहा इलाज,हमीरगढ़ अस्पताल में एंडोस्कोप से निकला कान में फंसा मोती

मंगरोप@मुकेश खटीक।मण्डपिया निवासी 7 वर्षीय इंद्रजीत पुत्र महेंद्र पिछले दो वर्षों से कान के दर्द की पीड़ा झेल रहा था।लंबे समय से परेशान परिजनों ने बच्चे का शहर सहित कई निजी अस्पतालों में उपचार करवाया,लेकिन लगातार इलाज और खर्च के बावजूद उसकी तकलीफ कम नहीं हुई।परिजनों के अनुसार,कई निजी अस्पतालों में चिकित्सकों ने कान में मैल होने की बात बताकर दवाइयां दीं,लेकिन समस्या जस की तस बनी रही।दो साल तक इलाज करवाने के दौरान परिवार पर आर्थिक बोझ भी बढ़ता गया और बच्चे को लगातार दर्द सहना पड़ा।

एंडोस्कोपिक जांच में सामने आया असली कारण

समस्या का समाधान नहीं होने पर परिजन बच्चे को हमीरगढ़ उप जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे। यहां ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. मुकेश कुमावत ने आधुनिक एंडोस्कोपिक(दूरबीन)तकनीक से बच्चे के कान की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान कान के अंदर एक माला का छोटा मोती फंसा हुआ पाया गया,जो लंबे समय से दर्द का कारण बना हुआ था।

कुशलता से निकाला फंसा हुआ मोती

डॉ.मुकेश कुमावत ने अत्यंत सावधानी और विशेषज्ञता के साथ एंडोस्कोपिक तकनीक की सहायता से कान में फंसे मोती को सफलतापूर्वक बाहर निकाल दिया।प्रक्रिया पूरी होते ही बच्चे को पिछले दो वर्षों से हो रही असहनीय पीड़ा से राहत मिल गई।

परिजनों ने जताया आभार

सफल उपचार के बाद इंद्रजीत और उसके परिजनों के चेहरे पर खुशी लौट आई।परिजनों ने ईएनटी विशेषज्ञ डॉ.मुकेश कुमावत एवं उप जिला चिकित्सालय के पूरे स्टाफ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आधुनिक जांच और सही उपचार से उनके बच्चे को लंबे समय बाद दर्द से मुक्ति मिली।
यह मामला इस बात का उदाहरण है कि समय पर सही जांच और विशेषज्ञ उपचार मिलने से जटिल दिखने वाली समस्या का भी सरल समाधान संभव है।