संत रामपाल जी महाराज के 76वें अवतरण दिवस पर सतलोक आश्रम बेतुल में 10 जोड़ो का दहेज मुक्त विवाह हुआ

बैतूल।स्मार्ट हलचल|संत रामपाल जी महाराज के 76 वें अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में बैतूल जिले के सतलोक आश्रम उड़दन में तीन दिवसीय विशाल महासमागम का आयोजन किया जा रहा है। यह महा समागम संत रामपाल जी महाराज के शुभ आशीर्वाद व पावन सानिध्य में 6 से 8 सितंबर 2026 तक चल रहा है।इस महासमागम का शुभारंभ 6 सितंबर को आदरणीय संत गरीबदास जी महाराज जी की अमर वाणी के अखंड पाठ से हुआ। पहले दिन से ही आश्रम में श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा हुआ है। अवतरण दिवस के इस महासमागम में भाग लेने के लिए अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सतलोक आश्रम बैतूल पहुंच रहे हैं।

दूसरे दिन 7 सितंबर को भी समागम की रौनक देखते ही बनी। आश्रम परिसर में सुबह से ही भक्तों का जनसैलाब उमड़ रहा है। दूसरे दिन के कार्यक्रमों में मानव सेवा से जुड़े आयोजन मुख्य आकर्षण का केंद्र बने। आश्रम परिसर में आयोजित विशाल रक्तदान शिविर में श्रद्धालुओं ने मानव कल्याण के लिए स्वेच्छा से 232 यूनिट रक्तदान किया। इसी के साथ देहदान जागरूकता अभियान के तहत 2430 अनुयायियों ने देहदान के संकल्प पत्र भरे।

वहीं समाज में फैली दहेज जैसी कुरीति को जड़ से मिटाने के लिए संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा चलाई जा रही अनोखी पहल के तहत दहेजमुक्त आदर्श विवाह का आयोजन किया गया। संत जी की शिक्षाओं के अनुसार बेटियों के उज्जवल भविष्य और दहेज प्रथा को खत्म करने के उद्देश्य से 17 मिनट में असुर निकंदन रमैनी के माध्यम से बिना दहेज, बिना बैंड-बाजे और बिना किसी आडंबर के 10 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया, जो समाज के लिए एक मिसाल है।

श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की विशेष व्यवस्था की गई है। अवतरण दिवस के इस महासमागम में भंडारे में श्रद्धालुओं के लिए सतलोक आश्रम में ही बनाए जा रहे शुद्ध देशी घी से निर्मित लड्डू, जलेबी, पूड़ी, हलवा, सब्जी, चावल सहित अन्य मिष्ठान भोजन रूप में परोसा जा रहा है। दूसरे दिन भी हजारों की तादात में श्रद्धालुओं ने एक साथ बैठकर भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। साथ ही आध्यात्मिक प्रदर्शनी और निःशुल्क नामदीक्षा के माध्यम से श्रद्धालुओं को सतज्ञान से जोड़ा जा रहा है, कटआउट के माध्यम से मध्यप्रदेश में चल रही अन्नपूर्णा मुहिम के बारे में भी पता चला। प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी तक 2187 लोगो ने संत रामपाल जी महाराज से निःशुल्क नामदीक्षा प्राप्त कर अपने जीवन को सफल बनाया।
इस महासमागम का समापन 8 सितंबर को अखंड पाठ के समापन के साथ होगा।