मांडलगढ़: विधायक के भाई पर जमीन हड़पने और
मांडलगढ़ (स्मार्ट हलचल)। जिले के मांडलगढ़ उपखंड में सत्ता के रसूख और प्रशासनिक मिलीभगत से जमीन हड़पने और धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। होडा गांव की एक महिला ने स्थानीय विधायक के भाई सहित चार लोगों पर उसकी पुश्तैनी जमीन हथियाने और जबरन बेदखल करने का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
विधायक के भाई समेत 4 पर FIR दर्ज
पुलिस ने पीड़िता सुशीला की रिपोर्ट पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2) और 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नामजद आरोपियों में शोभागचन्द्र खण्डेलवाल (निवासी होडा), कमलेश, हेमराज और महिपाल सिंह (निवासी अमरतीया) शामिल हैं। पीड़िता का आरोप है कि पिता की मृत्यु के बाद त्रुटिवश जमीन का नामांतरण माता और बहनों के नाम हो गया, जिसका फायदा उठाकर उन्होंने यह भूमि शोभागचन्द्र खण्डेलवाल को बेच दी, जो विधायक का भाई है।
रजिस्ट्री में बड़ा फर्जीवाड़ा, नहीं चुकाए 9 लाख
पीड़िता ने बताया कि मौजा खाचरोल की आराजी खसरा संख्या 1352/1167 में से 5 बिस्वा जमीन बेचने का सौदा राजभंवर सिंह के साथ 12.50 लाख रुपये में तय हुआ था। इकरारनामे के बाद उसे 3.50 लाख रुपये दिए गए, लेकिन कमलेश ने धोखे से आराजी नंबर 1352/1167 के बजाय आराजी नंबर 1028 में सुशीला के 1/2 हिस्से की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली और शेष 9 लाख रुपये भी नहीं चुकाए। बाद में कमलेश ने यह भूमि हेमराज को और हेमराज ने महिपाल को बेच दी। अब महिपाल बिना बकाया 9 लाख रुपये चुकाए उस जमीन पर कब्जा लेना चाहता है।
प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव और झूठे मुकदमों की धमकी
प्राथमिकी में आरोप है कि आरोपी शोभागचन्द्र और महिपाल सिंह स्थानीय विधायक के राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर प्रशासनिक अधिकारियों (एसडीओ और तहसीलदार मांडलगढ़) पर दबाव बना रहे हैं।
आरोप है कि तहसीलदार, गिरदावर और पटवारी बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश के पुलिसकर्मियों को साथ लेकर आते हैं और सुशीला पर कब्जा छोड़ने का दबाव बनाते हैं तथा विरोध करने पर झूठे मुकदमे दर्ज करने की धमकी देते हैं। परेशान होकर पीड़िता ने महिला आयोग और मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत दर्ज कराई है।
